मोहनलालगंज। लखनऊ।मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के गौरा गांव में ग्राम सभा की पशुचर भूमि पर हुए अवैध खनन ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गाटा संख्या 1567/2 रकबा 2.661 हे0 की आंशिक भूमि पर लगातार करीब 10 दिनों से अवैध खनन का खेल चल रहा था, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि पुलिस जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंदे बैठे रहे।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की शह पर ही अवैध खनन बेरोकटोक जारी रहा। कई बार शिकायत के बावजूद न तो पुलिस ने कार्रवाई की और न ही खनन कार्य को रुकवाया गया। ग्राम सभा की भूमि को नुकसान पहुंचता रहा और खनन माफिया खुलेआम मिट्टी उठाते रहे।मामला जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और ग्रामीणों ने मजबूर होकर एसडीएम पवन पटेल से शिकायत की, तब जाकर प्रशासन हरकत में आया। एडीएम के साथ मौके पर पहुंची टीम ने अवैध खनन को रंगे हाथों पकड़ा। एसडीएम कि सक्रियता से डम्पर और जेसीबी मौके पर पकड़ी जा सकी।
कार्रवाई के समय एक डम्पर UP 32 XN 9151और एक जेसीबी मशीन UP 32 UN 1137 को सीज किया गया। डम्पर चालक अवनीत कुमार रावत निवासी निगोहा और जेसीबी चालक अमन यादव निवासी गोसाईगंज, लखनऊ को उपनिरीक्षक ललित कुमार सिंह के सुपुर्द किया गया। लेखपाल आशीष अवस्थी की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि यह खनन बिना किसी विधिक अनुमति के ग्राम सभा की भूमि पर किया जा रहा था, जिस पर एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई अपेक्षित है।मौके पर पहुंचकर एसडीएम ने लापरवाही और संदिग्ध भूमिका निभाने वाले पुलिस कर्मियों को कड़ी फटकार लगाई और चेतावनी दी कि यदि भविष्य में ऐसी शिकायतों को नजरअंदाज किया गया तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।इस पूरे प्रकरण ने यह साफ कर दिया है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर समय रहते ईमानदार कार्रवाई होती, तो ग्राम सभा की कीमती भूमि को लूटने से बचाया जा सकता था। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पुलिस के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होगी, या मामला सिर्फ खनन करने वालों तक ही सीमित रह जाएगा।।।
