रायबरेली जिले में पहले सात तहसीलें थीं। इनमें सदर, सलोन, ऊंचाहार, डलमऊ, लालगंज, महराजगंज और तिलोई शामिल रही। नया जिला बनने के बाद तिलोई तहसील को अमेठी में शामिल कर दिया गया। रायबरेली में छह तहसीलें बचीं। इसके बावजूद तिलोई तहसील की वक्फ संपत्तियों के आंकड़ें अभी रायबरेली जिले में ही दर्ज हैं।
वक्फ संशोधन बिल के मद्देनजर संपत्तियों के बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। तहसील क्षेत्रवार ब्योरा निकालने के बाद अमेठी के तिलोई तहसील के अंतर्गत आने वाली संपत्तियों का पता चल सकेगा। इसके लिए वक्फ से संबंधित अधिकारी तैयारी में जुटे हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महिमा ने बताया कि जिले में सुन्नी वक्फ संपत्तियां 2852 और शिया की 32 हैं। तिलोई तहसील की संपत्तियों को अलग करने के लिए सर्वे कराया जाएगा।
बिना अध्ययन अभी बोलना उचित नहीं
वक्फ मीर वाजिद अली खाली सहाट के मुतवल्ली मीसम नकवी ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल के बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं हुई है। ऐसे में कुछ भी बोलना उचित नहीं है। अभी जिस तरह की बातें सामने आई हैं, उससे अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। अगर बिल मुस्लिमों और वक्फ संपत्तियों के हित में है तो ठीक है। अगर वक्फ संपत्तियों या मुसलमानों को नुकसान होता है तो आवाज उठाई जाएगी।
नहीं होनी चाहिए राजनीति
हाफिज व कारी मेराज अहमद ने कहा कि मुस्लिमों के रोजगार, उनकी शिक्षा और सहायता के बारे में सोचा जाना चाहिए। वक्फ संपत्तियों को लेकर जिस तरह की बातें सामने आ रही हैं, वह ठीक नहीं है। यह पूरे समाज के लिए उचित नहीं है। फिलहाल बिल का अभी अध्ययन जरूरी है। इसपर राजनीति नहीं होनी चाहिए।