मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज कोतवाली क्षेत्र के एक पत्रकार ने पुलिस पर बिना उचित कारण घर से उठाकर थाने ले जाने, रास्ते में जंगल क्षेत्र में ले जाकर डराने-धमकाने तथा अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए सहायक पुलिस आयुक्त मोहनलालगंज को शिकायती प्रार्थना-पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।प्रार्थना-पत्र के अनुसार मोहनलालगंज के रानीखेड़ा डेहवा निवासी पत्रकार विवेक कुमार ने आरोप लगाया है कि बीते मंगलवार की सुबह करीब तीन बजे खुजौली चौकी प्रभारी अरुण सिंह, उपनिरीक्षक अजय सिंह एवं अन्य पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और बिना कोई स्पष्ट कारण बताए उन्हें जबरन पुलिस वाहन में बैठाकर ले गए। आरोप है कि कोतवाली ले जाने से पहले करीब एक घंटे तक जबरौली गांव के समीप जंगल क्षेत्र में घुमाते हुए उन्हें डराया-धमकाया गया और मानसिक दबाव बनाया गया। पीड़ित पत्रकार का कहना है कि इसके बाद उन्हें कोतवाली मोहनलालगंज लाकर हवालात में बंद किया गया, जहां उनके साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी घटना से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है और वह मानसिक रूप से भयभीत हैं।प्रार्थना-पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि हाल ही में व्हाट्सएप ग्रुपों में सोने से भरे बैग से संबंधित एक संदेश वायरल हुआ था। समाचार की पुष्टि के लिए उन्होंने प्रभारी निरीक्षक से जानकारी ली थी, जहां उन्हें बताया गया कि वायरल संदेश भ्रामक है। इसके बावजूद उन्हें थाने लाकर मुकदमा दर्ज होने की जानकारी दी गई। पत्रकार का कहना है कि उन्होंने न तो कोई भ्रामक संदेश प्रसारित किया और न ही किसी व्हाट्सएप ग्रुप में ऐसा संदेश साझा किया। उनका कहना है कि समाचार की पुष्टि करना एक पत्रकार के दायित्व का हिस्सा है।पीड़ित पत्रकार ने एसीपी से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, कथित रूप से दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने, अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा न्याय दिलाने की मांग की है।एसीपी मोहनलालगंज राजेश सिंह ने बताया कि उन्हें प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुआ है। पूरे मामले की स्पष्ट और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी तथा जांच के आधार पर पीड़ित पत्रकार को उचित राहत दिलाई जाएगी।
