ग्रामीण बोले शिलान्यास हो गया अब निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार…..
विधायक से संपर्क का प्रयास रहा विफल, फोन नहीं उठने पर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी……
मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत रायभान खेड़ा के मजरा इंद्रजीत खेड़ा में सड़क निर्माण को लेकर लगाए गए शिलान्यास पट्ट के बाद गांव में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। एक ओर विधायक द्वारा सड़क निर्माण का शिलान्यास किए जाने का दावा किया गया है, वहीं दूसरी ओर मौके पर वर्षों पुराना जर्जर खड़ंजा, उखड़ी हुई ईंटें और नाली का बहता पानी आज भी सड़क की बदहाली की कहानी बयां कर रहा है।गांव में राकेश रावत के घर से रामू रावत के घर तक सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास 8 जुलाई 2026 को क्षेत्रीय विधायक अमरेश कुमार के करकमलों द्वारा किया गया। इसका शिलापट्ट भी मार्ग किनारे स्थापित कर दिया गया है। लेकिन शिलान्यास के बाद भी मौके पर निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
स्थल पर पहुंचने पर देखा गया कि सड़क का पुराना खड़ंजा पूरी तरह जर्जर हो चुका है। कई स्थानों पर ईंटें उखड़ गई हैं और नाली का पानी सड़क पर बह रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों, महिलाओं और किसानों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़क की वर्तमान स्थिति स्वयं उसकी बदहाली की गवाही दे रही है।ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग की समस्या वर्षों पुरानी है। अब जब सड़क निर्माण का शिलान्यास हो चुका है तो लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा और लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान मिलेगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि केवल शिलान्यास तक ही कार्य सीमित न रहे, बल्कि निर्माण कार्य भी शीघ्र प्रारंभ कर निर्धारित समय में पूरा कराया जाए।इस मामले में क्षेत्रीय विधायक अमरेश कुमार से उनका पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। विधायक से बात नहीं हो पाने के कारण उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।इधर, विधानसभा क्षेत्र के कई लोगों ने आरोप लगाया कि जनसमस्याओं को लेकर विधायक से फोन पर संपर्क करना भी आसान नहीं है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत या समस्या बताने के लिए फोन किया जाता है, लेकिन फोन नहीं उठता। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि जनता की बात सुनने के लिए उपलब्ध नहीं होंगे, तो आम लोग अपनी समस्याएं किसके सामने रखें।हालांकि, विधायक की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है। वहीं ग्रामीणों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि शिलान्यास के बाद सड़क निर्माण कार्य आखिर कब शुरू होता है और उन्हें जर्जर मार्ग से कब निजात मिलती है।
