नगराम।लखनऊ, नगराम थाना क्षेत्र के सत्ई खेड़ा गांव की एक विवाहिता ने ससुराल पक्ष पर दहेज में दस लाख रुपये की मांग, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। मामले में पूर्व में दोनों पक्षों के बीच मेडिएशन कराया गया, लेकिन समझौता न होने पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगराम थाना क्षेत्र के सत्ई खेड़ा गांव निवासी रोली पाल पुत्री राज बहादुर की शादी बीते 29 नवंबर 2023 को गोरी बाजार, विष्णु नगर निवासी विजेंद्र पाल के साथ हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुई थी। विवाहिता के परिजनों का आरोप है कि शादी में उनकी हैसियत के अनुसार स्विफ्ट वीएक्सआई कार समेत अन्य कीमती सामान और जेवरात दिए गए थे।पीड़िता का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष द्वारा अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाने लगा। गर्भावस्था के दौरान पति, सास-ससुर व जेठ-जेठानी द्वारा मारपीट और गाली-गलौज की गई तथा मायके से दस लाख रुपये लाने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न से परेशान होकर वह बीते 6 अगस्त 2024 को अपने मायके आ गई और पूरी गर्भावस्था वहीं बिताई। बीते 21 नवंबर 2024 को ऑपरेशन के जरिए पुत्र का जन्म हुआ। पीड़िता के अनुसार, बच्चे के इलाज के दौरान भी ससुराल पक्ष का सहयोग नहीं मिला। बाद में लोगों के कहने पर वह दोबारा ससुराल गई, लेकिन वहां भी व्यवहार में सुधार नहीं हुआ। पति पर शराब के नशे में मारपीट करने और जेठ-जेठानी पर अपमानजनक बातें कहने का आरोप लगाया गया है। यहां तक कि दूसरी शादी कराने की धमकी देने की भी बात सामने आई है।पीड़िता का कहना है कि मामले को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों के बीच मेडिएशन की प्रक्रिया अपनाई गई, लेकिन समझौता नहीं हो सका। इसके बाद पीड़िता ने नगराम थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।नगराम थाना प्रभारी विवेक चौधरी ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच विवाद को सुलझाने के लिए मेडिएशन कराया गया था, लेकिन सहमति न बनने पर पीड़िता की तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस मामले की गंभीरता से जांच में जुटी हुई है।
