निगोहां, लखनऊ।निगोहां क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में नीलगायों का आतंक किसानों के लिए गहरी चिंता का विषय बन गया है। राती, भजन मऊ, दयालपुर, वाजपेई खेड़ा, शेरपुर लवल, समेसी, देवी खेड़ा, मिरखनगर, पूरहिया सहित दर्जनों गांवों में नीलगायों के झुंड खेतों में घुसकर तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। हालात यह हैं कि किसान अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए रात-रात भर खेतों में पहरा देने को मजबूर हैं, लेकिन इसके बावजूद नुकसान रुक नहीं पा रहा है।
किसानों के अनुसार इस समय सरसों, मटर और गेहूं की फसल खेतों में खड़ी है। जैसे ही फसल तैयार होने की स्थिति में पहुंचती है, नीलगायों का झुंड रात के अंधेरे में खेतों पर धावा बोल देता है। विशेष रूप से मटर की फसल को सबसे अधिक नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक झुंड कुछ ही घंटों में आधा से अधिक खेत साफ कर देता है।स्थानीय किसान सजीवन, मोहनलाल, बाबू सहित कई अन्य किसानों ने बताया कि दिनभर मेहनत करने के बाद रात में भी उन्हें खेतों में रतजगा करना पड़ता है। सर्द रातों में अलाव जलाकर पहरा देना उनकी मजबूरी बन गया है। कई किसानों ने खेतों के चारों ओर तारबाड़ या अस्थायी बाड़ लगा ली है, लेकिन ऊंची छलांग लगाने वाली नीलगायों के सामने यह इंतजाम भी बेअसर साबित हो रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में नीलगायों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आसपास के खाली पड़े क्षेत्रों और खेतों में आसानी से भोजन मिल जाने के कारण ये झुंड बनाकर घूम रही हैं। इससे किसानों की लागत और मेहनत दोनों पर संकट मंडरा रहा है। कई किसानों ने आशंका जताई कि यदि यही स्थिति रही तो इस सीजन में उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।किसानों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों में विशेष अभियान चलाकर नीलगायों को पकड़ने या अन्य प्रभावी उपाय किए जाएं, ताकि किसानों की फसलों को बचाया जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में समस्या और विकराल रूप ले सकती है।
