मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में हुई सनसनीखेज लूट और जानलेवा हमले की घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। ज्वैलर्स कारोबारी और उसके भाई की बेरहमी से पिटाई कर लूटपाट करने वाले नामजद आरोपी अब तक गिरफ्त से बाहर हैं, जिससे क्षेत्र में आक्रोश और भय का माहौल बना हुआ है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित हेमन्त सोनी पुत्र राजेन्द्र कुमार सोनी, निवासी तेलीबाग, लखनऊ, की मोहनलालगंज चौराहे पर “लक्का ज्वैलर्स” नाम से दुकान है। गुरुवार रात वह अपने बड़े भाई शंकर सोनी के साथ होटल एनट्रास गए थे। रात करीब 10:30 बजे लौटते समय गाड़ी बैक करने को लेकर कुछ युवकों से कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।
आरोप है कि रवि सिंह उर्फ विक्की सिंह, आर्यन सिंह, निखिल सिंह उर्फ प्रिन्स सिंह व अन्य साथियों ने स्विफ्ट डिजायर कार से रास्ता रोककर दोनों भाइयों को जबरन बाहर खींच लिया और बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने दोनों को तब तक पीटा जब तक वे अधमरे होकर जमीन पर नहीं गिर पड़े।
पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने मारपीट के दौरान उनका लाइसेंसी रिवाल्वर, मोबाइल फोन और गले में पहनी सोने की चेन लूट ली और मौके से फरार हो गए।घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों को गंभीर चोटें आई हैं और लगातार निगरानी में रखा गया है।पीड़ित द्वारा नामजद तहरीर दिए जाने के बावजूद 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस का दावा है कि टीमें गठित कर दी गई हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि अगर आरोपी नामजद हैं तो गिरफ्तारी में देरी समझ से परे है। क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बीच पुलिस की यह ढिलाई अपराधियों के हौसले बुलंद कर रही है।घटना के बाद व्यापारियों में भारी रोष है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।यह घटना न केवल एक गंभीर आपराधिक वारदात है, बल्कि मोहनलालगंज की कानून-व्यवस्था पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। अब देखना यह है कि पुलिस कब तक आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़ितों को न्याय दिला पाती है या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह लंबित रह जाता है।
