लखनऊ। तेलीबाग स्थित राम भरोसे मैकूलाल इंटर कॉलेज की भूमि को बचाने की मांग को लेकर तेलीबाग सामाजिक एवं जन कल्याण समिति के बैनर तले बुधवार को स्थानीय लोगों ने पैदल मार्च निकाला और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। समिति ने स्कूल की जमीन पर अवैध कब्जा और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
समिति के अध्यक्ष एम.एल. गुप्ता के नेतृत्व में निकाला गया यह मार्च शनि मंदिर से हनुमान मंदिर तक गया। इस दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि स्कूल की जमीन पर भू-माफियाओं और प्रबंधन की मिलीभगत से अवैध तरीके से लीज और बिक्री की जा रही है, जिससे संस्थान का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 1952 में स्वर्गीय लाला राम भरोसे मैकूलाल ने इस विद्यालय की स्थापना गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा देने के उद्देश्य से की थी। वर्ष 1959 में हुए समझौते के तहत यह तय किया गया था कि भूमि का उपयोग केवल स्कूल भवन, कृषि कार्य और खेल मैदान के लिए ही होगा। किसी भी प्रकार का व्यावसायिक उपयोग या निजी संस्थान स्थापित करने की अनुमति नहीं थी।
समिति का आरोप है कि बाद में प्रबंधन पर काबिज लोगों ने करीब 24-25 एकड़ जमीन में से अधिकांश हिस्से को लीज पर देकर दुकानों के रूप में बेच दिया। यहां तक कि शिक्षण कक्षों का भी व्यावसायिक उपयोग किया गया। मामले में विभागीय और न्यायिक जांच में अनियमितताएं सामने आने के बावजूद गतिविधियां बंद नहीं हुईं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि स्कूल में पढ़ रहे करीब ढाई हजार बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर भ्रष्टाचार की जांच कराने और विद्यालय की भूमि को सुरक्षित कराने की मांग की है।
समिति ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
