लखनऊ। महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी व राधारानी की प्रेरणा से पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर निगोहां में चल रही 9 दिवसीय दिव्य श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के सातवें दिन रविवार देर रात तक भक्ति की रसधार बही। कथा पंडाल में निगोहां सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे।
कथा व्यास आचार्य ज्ञानेश त्रिपाठी जी (श्री अंश जी महाराज) चित्रकूट धाम ने कहा, “श्रीमद् भागवत कथा कलियुग का अमृत है। इसके श्रवण मात्र से पितृ दोष शांत होते हैं, मन को शांति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। भगवान का नाम ही भवसागर से पार उतारने वाला है।” उन्होंने आगे कहा, “जिस घर में नित्य भागवत का पाठ होता है, वहां कलह नहीं होती। भागवत सुनने से मनुष्य के करोड़ों जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं।”
यह कथा पितृ व समस्त परिवार के कल्याण हेतु त्रिपाठी परिवार द्वारा आयोजित कराई जा रही है। कथा परीक्षित श्रीमती पुष्पा त्रिपाठी पत्नी कृष्ण कुमार त्रिपाठी हैं। 25 मई से शुरू हुई यह कथा 01 जून 2026 तक निज निवास, शनि देव मंदिर के पास चल रही है।
आयोजक मायाराम त्रिपाठी ने बताया कि प्रतिदिन सायं 07 बजे से रात्रि 10 बजे तक कथा और सुबह 09 से 01 बजे तक पूजन व मूल पाठ हो रहा है। कथा समापन के बाद 2 जून, मंगलवार को हवन एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
कथा के दौरान भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से भंडारे में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण करने की अपील की है।
वहीं कथा में त्रिपाठी परिवार से कृष्ण कुमार त्रिपाठी,
लक्ष्मी त्रिपाठी, सौरभ त्रिपाठी, नीरज त्रिपाठी, सहित परिवार के अन्य लोग मौजूद रहें।
