लखनऊ उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर 7 और 8 जुलाई को दो दिनों तक सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान टीम को भारी मात्रा में नकदी, सोना-चांदी, हीरे के आभूषण, अचल संपत्तियों के दस्तावेज और अन्य मूल्यवान वस्तुएं मिलीं। बरामद चल संपत्तियों का अनुमानित मूल्य लगभग 20 करोड़ रुपये बताया गया है।सतर्कता अधिष्ठान के अधिकारियों के अनुसार तलाशी के दौरान करीब 1.62 करोड़ रुपये नकद, लगभग 13 किलोग्राम सोना, 9 किलोग्राम चांदी तथा हीरे के बहुमूल्य आभूषण बरामद किए गए। प्रारंभिक मूल्यांकन में इनकी कुल कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी गई है। बरामदगी के बाद पूरी संपत्ति का विस्तृत मूल्यांकन कराया जा रहा है।जांच के दौरान ललित कुमार के नाम लखनऊ, नोएडा, बाराबंकी और रायबरेली सहित विभिन्न जनपदों में स्थित आवासीय भवन, भूखंड, कृषि भूमि और फ्लैट बुकिंग से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। इन अचल संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब 13 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। इसके अतिरिक्त दो लग्जरी कारें, एक लाइसेंसी रिवॉल्वर तथा विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों में निवेश से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं सतर्कता अधिष्ठान के अनुसार ललित कुमार के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पहले से मुकदमा दर्ज है। मामले की विवेचना के दौरान आय और संपत्ति में भारी अंतर पाए जाने पर न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त किया गया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।अधिकारियों का कहना है कि बरामद नकदी, आभूषण, अचल संपत्तियों और बैंक निवेश से जुड़े सभी दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद संपत्तियों का वास्तविक मूल्य, आय के स्रोत और संभावित अवैध निवेश की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत की जाएगी।
इस कार्रवाई को उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सतर्कता अधिष्ठान का कहना है कि यदि जांच में और भी बेनामी या अवैध संपत्तियों का पता चलता है तो उन्हें भी जांच के दायरे में लाकर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
