बारिश में सड़क बन जाती है तालाब, गड्ढों में फंसकर चोटिल हो रहे राहगीर; विकास खंड के जिम्मेदारों की उदासीनता से ग्रामीणों में नाराजगी….
मोहनलालगंज, लखनऊ। निगोहा के स्टेशन रोड से बैरिसालपुर गांव को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग पिछले करीब डेढ़ दशक से जलभराव और बदहाली की समस्या से जूझ रहा है। बारिश होते ही सड़क का बड़ा हिस्सा जलमग्न होकर तालाब में तब्दील हो जाता है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों को सड़क और गड्ढों का अंदाजा तक नहीं लग पाता। ऐसे में आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। लंबे समय से चली आ रही समस्या के बावजूद विकास खंड के जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से स्थायी समाधान न कराए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
स्थानीय निवासी विमलेश सिंह, जतिन सिंह, दीपक पटेल, उस्मान, विनोद सहित दर्जनों ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में इस मार्ग से गुजरना किसी जोखिम से कम नहीं है। सड़क पर कई स्थानों पर जलभराव इतना अधिक हो जाता है कि वाहन चालकों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। गड्ढों में पानी भरने से कई बार दोपहिया वाहन अनियंत्रित होकर गिर जाते हैं। वहीं पैदल राहगीरों, स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को कीचड़ व गंदे पानी के बीच से होकर निकलना पड़ता है।ग्रामीणों के मुताबिक स्टेशन रोड से बैरिसालपुर को जोड़ने वाला यह मार्ग आसपास के लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। इसी मार्ग से ग्रामीण बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी कामों के लिए आते-जाते हैं। सड़क पर जलभराव होने के कारण आसपास स्थित घरों और दुकानों तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी उस समय होती है जब किसी बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाना हो। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के दौरान एंबुलेंस समेत अन्य जरूरी वाहनों के आवागमन में भी बाधा उत्पन्न होती है।ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की बदहाली कोई नई समस्या नहीं है। करीब डेढ़ दशक से हर बरसात में यही स्थिति बनती है। ग्रामीणों ने कई बार विकास खंड के जिम्मेदार अधिकारियों, संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से सड़क की मरम्मत कराने के साथ-साथ जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की, लेकिन हर बार आश्वासन देकर मामला टाल दिया गया। नतीजा यह है कि समय के साथ सड़क की हालत और खराब होती चली गई।
नाली न होने से बढ़ रही समस्या ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के किनारे समुचित नाली अथवा जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर ही जमा हो जाता है। पानी की निकासी का स्थायी इंतजाम नहीं होने से कई दिनों तक जलभराव बना रहता है। इससे सड़क की परत भी लगातार खराब हो रही है और गड्ढे बढ़ते जा रहे हैं।ग्रामीणों ने विकास खंड के जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था करा दी जाती तो आज हालात इतने बदतर नहीं होते। उनका कहना है कि वर्षों से समस्या सामने होने के बावजूद जिम्मेदारों की ओर से स्थायी कार्ययोजना नहीं बनाना लापरवाही को दर्शाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि बारिश के दिनों में परेशानी बढ़ने के बाद ही समस्या पर ध्यान दिया जाता है, जबकि जल निकासी और सड़क निर्माण का स्थायी समाधान पहले ही कराया जा सकता था।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का स्थलीय निरीक्षण कराकर सड़क की स्थिति का आकलन कराया जाए और गुणवत्तापूर्ण तरीके से मार्ग का पुनर्निर्माण कराया जाए। साथ ही सड़क के दोनों ओर नाली बनाकर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।क्षेत्रवासियों का कहना है कि अब उन्हें अधिकारियों के आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर काम चाहिए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे संबंधित विभाग और प्रशासन के उच्चाधिकारियों से शिकायत कर संबंधित समस्या को प्रमुखता से उठाएंगे।
