गैर महिला से अवैध संबंधों का विरोध करने पर मारपीट का आरोप, लाइसेंसी रिवॉल्वर की बट से पत्नी की आंख पर हमला करने का आरोप……
पत्नी-बेटे को घर से निकालने का आरोप, पुलिस से गुहार के बाद भी राहत नहीं मिलने पर पारिवारिक न्यायालय की शरण……
लखनऊ। बाराबंकी जिले के रामनगर विकासखंड के ब्लॉक प्रमुख एवं भाजपा नेता संजय तिवारी पर उनकी पत्नी बिंदु तिवारी और पुत्र हर्ष तिवारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मां-बेटे का आरोप है कि ब्लॉक प्रमुख के एक गैर महिला से कथित विवाहेतर संबंधों का विरोध करने पर उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जाता था। विरोध करने पर मारपीट और धमकी देने तथा बाद में दोनों को घर से निकाल देने का भी आरोप लगाया गया है।पीड़िता बिंदु तिवारी के मुताबिक 29 दिसंबर 2025 को वह अपने बेटे के साथ रामनगर के पास महादेवा स्थित फार्म हाउस पहुंचीं। उनका आरोप है कि वहां उनके पति एक अपरिचित महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में मिले। पत्नी और बेटे ने जब कथित संबंधों का विरोध किया तो विवाद बढ़ गया।बिंदु तिवारी का आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई। इसी दौरान उनके पति ने लाइसेंसी रिवॉल्वर उनकी कनपटी पर तानकर जान से मारने की धमकी दी और रिवॉल्वर की बट से उनकी आंख पर हमला कर दिया, जिससे आंख में गंभीर चोट आई। पुत्र हर्ष तिवारी का भी आरोप है कि घटना के दौरान उसके साथ मारपीट की गई।
अवैध संबंधों का विरोध करने पर प्रताड़ना का आरोप……
मां-बेटे का कहना है कि गैर महिला से कथित विवाहेतर संबंधों को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। पत्नी और बेटे द्वारा इसका विरोध किए जाने पर उनके साथ मारपीट और अभद्रता की जाती थी। आरोप है कि इसी विवाद के चलते दोनों को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और अंततः उन्हें घर से निकाल दिया गया।हर्ष तिवारी का आरोप है कि उसके पिता अपने राजनीतिक पद और प्रभाव का हवाला देकर परिवार को डराते रहे। आरोप है कि उन्हें यह तक कहा गया कि “कानून मेरा कुछ नहीं कर सकता।” हर्ष का दावा है कि धमकी और घटनाक्रम से संबंधित वीडियो उसके पास सुरक्षित है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर जांच एजेंसी और न्यायालय के समक्ष साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।पीड़ित मां-बेटे का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने रामनगर थाने में शिकायत करने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि रास्ते में ही उन्हें रोककर धमकाया गया। इसके बाद सीओ बाराबंकी और पुलिस अधीक्षक से भी न्याय की गुहार लगाई गई। मां-बेटे का आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव के चलते उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।लगातार भय और आर्थिक संकट से जूझ रहे मां-बेटे ने अंततः लखनऊ स्थित पारिवारिक न्यायालय की शरण ली। दाखिल वाद में पत्नी ने अपने भरण-पोषण के लिए एक लाख रुपये प्रतिमाह तथा पुत्र की पढ़ाई और अन्य खर्च के लिए आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है।
मुख्यमंत्री और भाजपा नेतृत्व से निष्पक्ष जांच की मांग……
पुत्र हर्ष तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर न्याय दिलाने की मांग की है। साथ ही भाजपा नेतृत्व से भी मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर पार्टी स्तर पर कार्रवाई की मांग की है।हर्ष तिवारी का कहना है कि जो पत्नी और बेटे का नहीं हुआ, वह पार्टी का क्या होगा।उसका कहना है कि राजनीतिक पद या प्रभाव किसी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं कर सकता।
