सड़क पर भरा पानी बना ग्रामीणों के लिए मुसीबत, सांप-बिच्छुओं के घरों में घुसने का खतरा—ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की लगाई गुहार……
मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज विकासखंड के निगोहां क्षेत्र की ग्राम सभा मीरख नगर के मजरे भैरमपुर में एक मोहल्ले का रास्ता लंबे समय से जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। बारिश के बाद रास्ते पर पानी भर जाने से ग्रामीणों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। हालात यह हैं कि ग्रामीणों को रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए भी पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।एक ओर केंद्र व प्रदेश सरकार गांवों में शहर जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर जोर दे रही है, वहीं भैरमपुर की इस गली की तस्वीर विकास के दावों पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है। आजादी के करीब 80 वर्ष बाद भी ग्रामीणों को एक समुचित रास्ते के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक उक्त रास्ता सीसी मार्ग से पश्चिम की ओर लोहा सिंह के दरवाजे से होते हुए रामकरन वर्मा, राजबहादुर वर्मा एवं श्रीचंद वर्मा के दरवाजे से गुजरता है और आगे श्रवण कुमार विश्वकर्मा के घर के पास पुनः सीसी मार्ग से जुड़ता है। काफी समय पहले तत्कालीन ग्राम प्रधान द्वारा इस मार्ग पर खड़ंजा भी लगवाया गया था, लेकिन समय बीतने के साथ रास्ते की हालत खराब होती चली गई।
पाइपलाइन की खुदाई के बाद और बिगड़ी हालत…….
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जलापूर्ति के लिए जल निगम द्वारा इसी रास्ते में पाइपलाइन डालने का कार्य कराया गया था। पाइप डालने के लिए की गई खुदाई के दौरान रास्ते की कई ईंटें उखड़ गई थीं। हालांकि विभागीय कर्मचारियों द्वारा बाद में काफी हद तक ईंटों को दोबारा लगवाया गया, लेकिन रास्ते की मूल समस्या दूर नहीं हो सकी।वर्तमान में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी रास्ते में जमा हो जाता है। पानी कई दिनों तक जमा रहने से कीचड़ और फिसलन की स्थिति बनी रहती है।
सांप-बिच्छुओं का खतरा, बच्चों को घर से निकलना मुश्किल……
ग्रामीणों ने बताया कि जलभराव के कारण इस रास्ते पर आए दिन सांप और बिच्छू रेंगते हुए घरों में घुस जाते हैं। ऐसे में छोटे बच्चों को घर से बाहर निकालना भी खतरे से खाली नहीं है। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि अंधेरे में पानी से भरे रास्ते पर पैर रखना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है।ग्रामीणों के अनुसार वर्तमान ग्राम प्रधान द्वारा समस्या को देखते हुए रास्ते में कुछ नाली निर्माण तथा मिट्टी डलवाने का कार्य भी कराया गया था, लेकिन जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं होने से समस्या जस की तस बनी हुई है।ग्राम प्रधान ने बताया कि कार्यकाल का समय अब कम रह गया है और चुनाव भी नजदीक हैं। उन्होंने कहा कि यदि दोबारा मौका मिला तो इस रास्ते का निर्माण और समस्या का स्थायी समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि गांव के इस रास्ते की मौके पर जांच कराकर जल निकासी की समुचित व्यवस्था के साथ पक्के मार्ग का निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के दिनों में जलभराव से निजात मिल सके और बच्चों, बुजुर्गों तथा महिलाओं को आवागमन में हो रही परेशानी से राहत मिले।
