मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज तहसील में बुधवार को लेखपाल संघ के बैनर तले लेखपाल धरने पर बैठ गए। सुबह से तहसील परिसर में कामकाज ठप रहा। लेखपालों ने एसडीएम पर अमानवीय व्यवहार और बेवजह निलंबन का आरोप लगाते हुए महिला लेखपाल रूचि मौर्या का निलंबन तत्काल वापस लेने की मांग की।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ उपशाखा मोहनलालगंज के तहसील अध्यक्ष अमरीश कुमार व मंत्री विकास दीक्षित ने एसडीएम को दिए पत्र में बताया कि लेखपाल श्रीमती रूचि मौर्या को बीते मंगलवार को बिना किसी नोटिस के निलंबित कर दिया गया। जबकि पीड़ित लेखपाल ने सर्पदंश से मृत व्यक्ति की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पंचनामा मिलने और 20 प्रपत्र पर 24 घंटे के अंदर रजिस्ट्रार कार्यालय में उपलब्ध करा दिया था। वारिसों के बाहरी निवासी होने से प्रपत्र देर से मिले और साइट न चलने से आवेदन अग्रसारित नहीं हो सका। अगले दिन आवेदन निस्तारित कर दिया गया था।
संघ ने आरोप लगाया कि लेखपाल नेहा कपूर को वृद्ध पिता की हालत नाजुक होने के बाद भी 29 अगस्त को अल्पावधि मीटिंग में जबरन बुलाया गया, जिनके पिता का इलाज न होने से देहांत हो गया। मंगलवार को मूसलाधार बारिश में शाम 4:30 बजे मीटिंग बुलाई गई। छुट्टी/रविवार को अनावश्यक दबाव बनाकर बुलाया जाता है, फोन रिसीव न होने पर रोष प्रकट किया जाता है। 12 लेखपाल साथियों का वेतन बिना दोष के रोका गया है, जो अभी तक अप्राप्त है। बिल/एरियर/मेडिकल का भुगतान महीनों से नहीं हुआ।
लेखपालों ने चेतावनी दी कि निलंबन वापस नहीं हुआ तो शुक्रवार से पूरी तरह कार्यबहिष्कार किया जाएगा।
तहसील अध्यक्ष अमरीश कुमार ने कहा कि अमानवीय व्यवहार बंद हो और लेखपाल रूचि मौर्या का निलंबन तत्काल वापस लिया जाए, अन्यथा आंदोलन तेज होगा।
