मोहनलालगंज, लखनऊ।शिवभक्त संत नन्दनार जी की जयंती के पावन अवसर पर सोमवार को मोहनलालगंज कस्बे के पाण्डेय कॉम्प्लेक्स में एक भव्य एवं गरिमामय संगोष्ठी तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन बाबू जगजीवन राम नेशनल फाउंडेशन (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित) तथा हंस मानव जनकल्याण एवं कम्प्यूटर शिक्षण संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय रियल एस्टेट विकास परिषद, उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. अजय पाण्डेय “सत्यम” तथा संकल्प सेवा संस्थान के प्रबंधक नवीन प्रकाश द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात संस्था के प्रबंधक श्री रवि प्रसाद ने सभी अतिथियों का अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया तथा कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।मुख्य अतिथि डॉ. अजय पाण्डेय “सत्यम” ने अपने संबोधन में शिवभक्त संत नन्दनार जी के जीवन, उनकी भक्ति, त्याग, समर्पण एवं अध्यात्म पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि संत नन्दनार जी के विचार आज के सामाजिक परिवेश में अत्यंत प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि संत नन्दनार जी ने भक्ति के माध्यम से सामाजिक समरसता, समानता और नैतिक मूल्यों का संदेश दिया, जिसे आत्मसात करने की आज समाज को विशेष आवश्यकता है।कार्यक्रम में वक्ता अध्यापक विजय सेन ने संत नन्दनार जी के जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डाला, वहीं नवीन प्रकाश ने संत नन्दनार जी के विचारों एवं उनके सामाजिक महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। समाजसेवी अशोक कुमार सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने-अपने विचार रखे और संत नन्दनार जी के आदर्शों को जनमानस तक पहुँचाने पर बल दिया।इसके पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रस्तुत की गई, जिसमें स्वागत गीत, सरस्वती वंदना, भजन एवं मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को सम्मानित करते हुए पुरस्कार प्रदान किए गए।कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों के लिए अल्पाहार एवं मध्यान्ह भोजन की उत्तम व्यवस्था की गई थी। मंच संचालन राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता अवधेश कुमार द्वारा अत्यंत कुशलता, गरिमा एवं प्रभावशाली ढंग से किया गया, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की।
इस आयोजन में विकास, शिवम साहू, आर्यन, मन्नू राय, संदीप, अश्वनी, निशा, मंजू, राजेश्वरी, कृष्णावती सहित अनेक लोगों ने सक्रिय सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।कार्यक्रम के अंत में संस्था के प्रबंधक श्री रवि प्रसाद ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, कलाकारों एवं आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की। आयोजन के माध्यम से संत नन्दनार जी के विचारों, भक्ति परंपरा एवं सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का सार्थक प्रयास किया गया।
