मोहनलालगंज।लखनऊ,मोहनलालगंज तहसील परिसर में सोमवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान ग्रामीण समस्याओं की बाढ़ देखने को मिली। सड़क, बिजली, अतिक्रमण, भूमि विवाद और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़े दर्जनों प्रार्थना पत्र अधिकारियों के समक्ष रखे गए। इसी दौरान बिल्डर से परेशान एक युवक के साथ कथित पुलिस अभद्रता को लेकर तहसील परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई।आरोप है कि न्याय की गुहार लगाने पहुंचे युवक की बात सुनने के बजाय मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे वहां से खदेड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी विशाख जी ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया और तहसीलदार को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी फरियादी के साथ अन्याय या दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।संपूर्ण समाधान दिवस में विभिन्न गांवों से आए फरियादियों ने गंभीर समस्याएं उठाईं। ग्राम गोरा, गौतमखेड़ा सहित दर्जनभर गांवों के ग्रामीणों ने लखनऊ–रायबरेली मार्ग से गौरा गांव होते हुए गौतमखेड़ा गांव तक सड़क के अधूरे डामरीकरण का मुद्दा उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण का कार्य दो वर्ष पूर्व आंशिक रूप से हुआ था, लेकिन आगे का कार्य अब तक अधूरा है। सड़क पर गहरे गड्ढे और जलभराव से स्कूली बच्चों, मरीजों और आम राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। बीते मार्च में जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। तहसील क्षेत्र के कुबहरा गांव के निवासी एक फरियादी ने भूमि विवाद में न्यायालय के आदेशों की अवहेलना और गलत पैमाइश का आरोप लगाया। प्रार्थना पत्र में कहा गया कि राजस्व विभाग की संदिग्ध कार्रवाई से उन्हें मानसिक और आर्थिक क्षति झेलनी पड़ रही है। मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई। वही बिजली विभाग के खिलाफ भी गंभीर शिकायत सामने आई। एक फरियादी ने बताया कि उनके घर की दीवार से सटाकर बिजली का पोल लगा दिया गया है, जिससे कभी भी करंट लगने की आशंका बनी रहती है। कई बार शिकायत के बावजूद विभाग द्वारा पोल नहीं हटाया गया, जिससे पूरा परिवार भय के साये में जीने को मजबूर है।वहीं ग्राम पंचायत सुलसा मऊ हिलगी के ग्रामीणों ने सामूहिक प्रार्थना पत्र देकर बिल्डरों और सोसाइटी पर सरकारी व ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब, नाले और सार्वजनिक रास्तों पर कब्जा कर लिया गया है, जिससे नदी तक जाने का मार्ग अवरुद्ध हो गया है। अंतिम संस्कार और धार्मिक कार्यों में भी भारी दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीणों ने अवैध अतिक्रमण हटवाकर ग्राम सभा की भूमि मुक्त कराने की मांग की।संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी विशाख जी ने जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए और फरियादियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का मौके पर जाकर शीघ्र निस्तारण किया जाए और उसकी आख्या समय से प्रस्तुत की जाए।हालांकि समाधान दिवस में बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज होने के बावजूद कई फरियादियों ने पूर्व में की गई शिकायतों के लंबित रहने पर नाराजगी जताई। प्रशासन ने सभी मामलों में त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
