मोहनलालगंज।लखनऊ, मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के शिवढरा गांव में भूमि विवाद का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। पीड़ित उदयराज पुत्र रम्मा ने आरोप लगाया है कि उसकी पुश्तैनी जमीन पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जे का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कई शिकायतों के बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।पीड़ित के अनुसार, उसकी भूमि गाटा संख्या 10क व 11ख, ग्राम शिवढरा, तहसील मोहनलालगंज में स्थित है, जिसमें वह सहखातेदार व काबिज काश्तकार है। आरोप है कि गांव के ही राकेश, मटूरू व सुनील पुत्र हरिभजन समेत अन्य लोग बीते शुक्रवार को जेसीबी व मजदूरों के साथ जमीन पर अवैध कब्जा करने पहुंच गए। सूचना मिलने पर जब पीड़ित मौके पर पहुंचा और विरोध किया, तो आरोपितों ने लाठी-डंडों व फावड़े के साथ हमला करने का प्रयास किया। किसी तरह जान बचाकर भागे पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी।पीड़ित उदयराज का कहना है कि उसने घटना के दिन ही मोहनलालगंज कोतवाली में लिखित शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 112 नंबर पर भी सूचना दी गई, जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन बिना कोई प्रभावी कदम उठाए लौट गई।पीड़ित ने बताया कि शनिवार को आयोजित थाना दिवस में भी उसने लिखित शिकायत दर्ज कराई, लेकिन वहां भी उसे न्याय नहीं मिला। उल्टा खुजौली चौकी इंचार्ज संजय वर्मा पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने उसे धमकाया और कहा कि “किसी मुकदमे में जेल भेज दूंगा। पीड़ित का आरोप है कि चौकी इंचार्ज की भूमिका संदिग्ध है और उन्हीं के संरक्षण में विपक्षी पक्ष को बढ़ावा मिल रहा है।इतना ही नहीं, पीड़ित ने यह भी बताया कि उसने कोतवाल ब्रजेश त्रिपाठी को भी पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया, लेकिन उनकी ओर से भी कोई संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली।पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए अवैध कब्जे के प्रयास को तत्काल रोका जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उसे न्याय मिल सके।
