
नायब तहसीलदार के नेतृृत्व में पैमाइस करने पहुंची थी टीम—-
निगोहां। बुधवार को एक बार फिर तहसील प्रशासन की टीम नंदौली गांव की झील की पैमाइश करने पहंुची। पैमाइश के दौरान ग्रामीण काफी उग्र हो गए और विरोध करने के साथ ही दो ग्राम सभा के प्रधानों के साथ धरने पर बैठ गए। जिसके बाद तहसील प्रशासन की टीम बिना पैमाइश किए ही बैरंग वापस लौट गयी। ग्रामीणों का तर्क था कि मण्डलायुक्त ने तहसील समधान दिवस में पट्टो का निरस्त करने का आदेश दिया था किंतु स्थानीय स्तर पर कोई कार्यवाई नही हुई।

गौरतलब हो कि, नंदौली गांव की झील पर कब्जेदार को लेकर कुछ दिन पूर्व खूनी संघर्ष हुआ था। जिसमें एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गये थे। नंदौली और रामदासपुर गांव के बीच में यह झील पड़ती है। ग्रामीणों का आरोप था कि इस झील पर मत्स्य पालन के लिए पट्टा किया गया है किंतु पट्टेधारक इस पर सिघाड़ा लगाते है और सिघाड़े में जहरीली दवाइयों का प्रयोग करते है। जिससे झील में पानी पाने वाले मवेशी मर जाते है। साथ ही, प्रवासी पक्षी भी इस झील में आते है। इसी विरोध के बाद कुछ दिन पूर्व पैमाइश करने के लिए तहसील प्रशासन की टीम गयी हुई थी किंतु विरोध के बाद वापस लौट आयी थी। उधर, उक्त मामलें की शिकायत ग्रामीण तहसील दिवस मण्डलायुक्त रोशन जैकब के पास पंहुचे थे जिस पर मण्डलायुक्त ने नियमपूर्वक जांच कर पट्टो को निरस्त करने का आदेश दिया था किंतु कोई कार्यवाही नही हुई। इधर, एक बाद फिर बुधवार को नायब तहसीलदार के नेतृत्व में नंदौली गांव की झील पर पहुंची। मौके पर पैमाइश के दौरान एक बार फिर ग्रामीण उग्र हो गयी और रामदासपुर तथा नंदौली गांव के ग्राम प्रधानो के साथ धरने पर बैठ गये। जिसके बार बिना पैमाइश किए हुए ही टीम बैरंग वापस लौट गयी। एसडीएम मोहनलालगंज हनुमान प्रसाद ने बताया कि जिन लोगो को जिस झील का पट्टा किया गया है।वह झील खाली पड़ी है। बुधवार को टीम मौके का निरीक्षण करने गई थी,वापस चली आयी।
देर रात धरना स्थल पर तहसीलदार द्वारा ग्रामीणों को दिया मदद का आश्वासन, तहसीलदार आनंद तिवारी ने बताया कि ज्ञापन ले लिया गया है। ग्राम प्रधानों की राय लेकर आगे की कार्यवाही की जाएगी।