मोहनलालगंज, लखनऊ।मोहनलालगंज कस्बे में स्थित एक होटल में कार पार्किंग को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद मारपीट और लूट की गंभीर घटना में बदल गया। इस मामले में फरार चल रहे वांछित अभियुक्त को मोहनलालगंज पुलिस ने देर रात गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले इस प्रकरण के अन्य तीन आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं।पुलिस के अनुसार, एसीपी मोहनलालगंज विकास कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए वांछित अभियुक्त 22वर्षीय निखिल सिंह उर्फ प्रिंस को मोहनलालगंज के किसान पथ के पास से बीती देर रात को गिरफ्तार किया है। ज्ञात हो कि यह मामला बीते सोमवार की रात का है। पीड़ित हेमन्त सोनी निवासी तेलीबाग, थाना पीजीआई, लखनऊ ने बीते मंगलवार को मोहनलालगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह अपने भाई शंकर सोनी के साथ एक पारिवारिक कार्यक्रम मुंडन संस्कार में शामिल होकर लौट रहे थे।कार्यक्रम मोहनलालगंज के होटल एंट्रास में आयोजित था, जहां कार बैक करने को लेकर विपक्षी पक्ष से कहासुनी हो गई। आरोप है कि इसी विवाद के बाद आरोपी पक्ष ने योजनाबद्ध तरीके से हमला किया।पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने उनकी गाड़ी को स्विफ्ट डिजायर कार से रोक लिया और दोनों भाइयों को जबरन बाहर खींचकर डंडों से बेरहमी से पीटा। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित का लाइसेंसी रिवाल्वर, सैमसंग मोबाइल फोन और गले में पहनी सोने की चेन लूट ली थी। वही मोहनलालगंज पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था चौथा आरोपी फरार चल रहा था।पुलिस विवेचना में सामने आया कि दोनों पक्ष पहले से एक-दूसरे को जानते थे और मुंडन कार्यक्रम में आमंत्रित थे। प्रारंभिक विवाद के बाद आरोपी अपने गांव लौट गए थे, लेकिन बाद में दोबारा आकर सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने मामले में तत्परता दिखाते हुए नामजद अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया था। फरार चल रहे मुख्य आरोपी निखिल सिंह उर्फ प्रिंस की तलाश जारी थी, जिसे अब गिरफ्तार कर लिया गया है।पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं, घटना में प्रयुक्त वाहन और लूटे गए सामान की बरामदगी के प्रयास भी जारी हैं।एक साधारण पार्किंग विवाद किस तरह हिंसक वारदात में बदल गया, यह घटना इसका उदाहरण है। हालांकि पुलिस की सक्रियता से सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कर ली गई है, जिससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर लोगों में भरोसा बढ़ा है।
