नगराम। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को कुबहरा सामुदायिक मिलन केंद्र पर किसानों ने विभिन्न सड़क मार्गों के निर्माण की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरने में कुबहरा, कमलापुर, विचिलखा, नेवाजखेड़ा, समेसी, तमोरिया समेत आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण शामिल हुए।किसानों का आरोप है कि लंबे समय से क्षेत्र के तीन महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों का निर्माण अधर में पड़ा हुआ है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों की प्रमुख मांगों में कुबहरा से कमलापुर होते हुए विचिलखा माइनर तक कच्चे मार्ग का निर्माण, नगराम-खुजौली मार्ग स्थित टिकरा चौराहे से नेवाजखेड़ा खड़ंजा मार्ग का निर्माण तथा नगराम-निगोहां मार्ग पर पुलिस चौकी से रामबक्सखेड़ा तक सड़क का डामरीकरण शामिल है।किसानों ने बताया कि नगराम-निगोहां मार्ग पर पुलिस चौकी से रामबक्सखेड़ा तक सड़क के डामरीकरण में वन विभाग की आपत्ति के कारण पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा निर्माण कार्य नहीं कराया जा रहा है। किसानों का कहना है कि सड़क निर्माण को लेकर विभागीय स्तर पर लंबे समय से आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ।धरने की सूचना पर वन विभाग के सहायक वन अधिकारी देवेश कुमार मौके पर पहुंचे और किसानों से वार्ता की। उन्होंने किसानों को बताया कि वन विभाग की टीम मौके का सर्वे कराएगी और एक सप्ताह के भीतर अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से धरना समाप्त करने की अपील की।हालांकि किसान इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए। किसानों ने स्पष्ट कहा कि केवल मौखिक आश्वासन के आधार पर धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। किसानों ने वन विभाग के अधिकारी से कहा कि वह एक सप्ताह के भीतर अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर धरना स्थल पर आएं, इसके बाद ही आगे निर्णय लिया जाएगा।किसानों ने नगराम थाना अध्यक्ष से भी मांग की कि पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों को बुलाकर किसानों के साथ वार्ता कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि तीनों सड़कों का निर्माण आखिर कब से शुरू कराया जाएगा। किसानों का कहना था कि संबंधित विभागों के अधिकारी समयसीमा तय कर निर्माण कार्य शुरू कराने की स्पष्ट जानकारी दें।धरने पर किसानों ने दो टूक कहा कि जब तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं होता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। किसानों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि उपज की ढुलाई और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बेहद जरूरी हैं। लंबे समय से सड़क निर्माण न होने से ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
धरने में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के मंडल महामंत्री हरिपाल सिंह, प्रदेश अध्यक्ष प्रताप बहादुर, प्रदेश महासचिव दिनेश यादव, मंडल उपाध्यक्ष राजेंद्र यादव, जिला अध्यक्ष प्रमोद कुमार, जिला महामंत्री राम सिंह, जिला उपाध्यक्ष रामकुमार यादव, रामपाल राजपूत, अरविंद कुमार, काशी प्रसाद, राम प्रसाद फौजी, ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश कुमार, केशव लोधी, रामकुमार प्रधान पति, अशोक प्रधान समेसी, रामनरेश प्रधान नेवाजखेड़ा, नंदगोप प्रधान तमोरिया समेत सैकड़ों किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक सड़क निर्माण शुरू नहीं होगा, उनका धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।
