मोहनलालगंज कोतवाली में सैकड़ों किसानों का धरना-प्रदर्शन, एसीपी के लिखित आश्वासन पर खत्म हुआ आंदोलन……
मोहनलालगंज, लखनऊ। अवैध कब्जेदारी, अवैध खनन, किसानों के उत्पीड़न और क्षेत्र में बढ़ती चोरी व अपराध की घटनाओं को लेकर भारतीय किसान क्रांति यूनियन के पदाधिकारियों और सैकड़ों किसानों ने शनिवार को मोहनलालगंज कोतवाली परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। काफी देर तक चले हंगामे के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों के लिखित आश्वासन पर किसान शांत हुए।भारतीय किसान क्रांति यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि मिश्रा के निर्देश पर जिला अध्यक्ष अनुरेंद्र कुमार ‘अनु’ के नेतृत्व में किसान कोतवाली पहुंचे। प्रदर्शन में जिला सचिव अशोक यादव, अनुराग त्रिवेदी, सूरज वर्मा समेत बड़ी संख्या में किसान नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे। किसानों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में दबंगों द्वारा जमीनों पर जबरन कब्जे किए जा रहे हैं, वहीं अवैध खनन की शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। किसानों का कहना था कि अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उन्हें अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
धरने के दौरान किसानों ने पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी जमकर नाराजगी जताई। यूनियन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि किसानों और संगठन के लोगों के साथ पुलिस द्वारा उचित व्यवहार नहीं किया गया, जिसके चलते किसानों में आक्रोश बढ़ गया। प्रदर्शनकारी इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
किसानों को समझाने में एसीपी राजेश कुमार सिंह की अहम भूमिका…….
सूचना मिलते ही मोहनलालगंज एसीपी राजेश कुमार सिंह और गोसाईंगंज एसीपी ऋषभ यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। किसानों को समझाने और मामले को शांत कराने में एसीपी राजेश कुमार सिंह की भूमिका बेहद सराहनीय रही। उन्होंने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और मौके पर ही संबंधित पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।किसानों के लगातार विरोध के बीच एसीपी राजेश कुमार सिंह ने किसानों के सामने इंस्पेक्टर रामबाबू सिंह को फटकार लगाते हुए मामले में गंभीरता से कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एसीपी के हस्तक्षेप और लिखित आश्वासन के बाद किसानों का आक्रोश शांत हुआ।
जमीन विवाद के निस्तारण के लिए बनेगी संयुक्त टीम……
एसीपी ने किसानों को लिखित आश्वासन देते हुए कहा कि जिस जमीन पर दबंगों द्वारा जबरन कब्जा किए जाने की शिकायत है, उसके निस्तारण के लिए राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम गठित की जाएगी। इसके साथ ही भारतीय किसान क्रांति यूनियन के पदाधिकारियों की एक टीम भी गठित की जाएगी, जो संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर जमीनी विवादों के निस्तारण में सहयोग करेगी।पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र में अवैध कब्जेदारी और अवैध खनन की शिकायतों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसानों ने क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी और अन्य अपराध की घटनाओं पर भी प्रभावी अंकुश लगाने की मांग उठाई।
सोमवार को मौके पर पहुंचेंगी तीनों टीमें……
अधिकारियों के आश्वासन के बाद तय हुआ कि पुलिस टीम, राजस्व टीम और किसान क्रांति यूनियन के पदाधिकारियों की टीम सोमवार को संबंधित स्थल पर पहुंचकर जमीनी विवाद की जांच करेगी और मामले के निस्तारण की कार्रवाई शुरू करेगी। इस आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त किया।धरने के दौरान कोतवाली परिसर में काफी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और अधिकारी लगातार किसानों को समझाने का प्रयास करते रहे। किसान नेताओं ने कहा कि यदि तय समय में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो यूनियन दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होगी।धरने में भारतीय किसान क्रांति यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि मिश्रा के निर्देश पर जिला अध्यक्ष अनुरेंद्र कुमार ‘अनु’, जिला सचिव अशोक यादव, प्रदेश प्रवक्ता अनिल वर्मा त्रिवेदी, सूरज वर्मा सहित सैकड़ों किसान नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
