अमेठी जनपद में मजदूरों की मजदूरी उनके खातों में भेजने के बजाय निजी खातों में अंतरित करने के मामले में जिले के 121 ग्राम प्रधानों पर कार्रवाई की तैयारी है। जांच के बाद इन ग्राम प्रधानों से करीब 43.56 लाख रुपये की वसूली की जाएगी। संबंधित प्रधानों को निर्धारित धनराशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।जानकारी के मुताबिक, करीब तीन साल पहले इकताजपुर निवासी सुरजीत यादव की शिकायत के बाद मामले की जांच कराई गई थी। जांच में विभिन्न ग्राम पंचायतों में मजदूरी भुगतान के नाम पर अनियमितता सामने आने के बाद अब कार्रवाई की जा रही है।इन ब्लॉकों के प्रधानों से होगी वसूलीवसूली की सूची में बहादुरपुर के 1, मुसाफिरखाना के 16, तिलोई के 7, भादर के 7, भेंटुआ के 17, शुकुल बाजार के 3, शाहगढ़ के 1, संग्रामपुर के 6, जामो के 34 और अमेठी विकासखंड की 29 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। कुल 121 ग्राम पंचायतों से वसूली की जानी है।पंचायत चुनाव लड़ने में भी आ सकती है अड़चनवसूली की कार्रवाई पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच संबंधित ग्राम प्रधानों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। पंचायत राज विभाग से चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों को नो-ड्यूज प्रमाणपत्र लेना होता है। यदि संबंधित प्रधान बकाया धनराशि जमा नहीं करते हैं तो उन्हें नो-ड्यूज प्रमाणपत्र मिलने में दिक्कत आ सकती है।शिकायतों के बाद हुई जांचपूर्व में कई ग्राम पंचायतों में मजदूरी भुगतान के नाम पर अनियमितता की शिकायतें सामने आई थीं। आरोप था कि विभिन्न निर्माण कार्यों में मजदूरी के नाम पर खर्च दिखाई गई धनराशि में अनियमितता की गई। शिकायतों के बाद मामलों की गहन जांच कराई गई, जिसके आधार पर अब संबंधित ग्राम प्रधानों से धनराशि की वसूली की कार्रवाई की जा रही है।डीपीआरओ अमेठी मनोज त्यागी के अनुसार, पूर्व में की गई शिकायतों के क्रम में अनियमितता सिद्ध होने पर 121 ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी कर निर्धारित राशि जमा करने को कहा गया है। संबंधित ग्राम पंचायतों को हर हाल में धनराशि जमा करनी होगी।
