गृहस्थी का सामान मलबे में दबा; पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आर्थिक मदद की लगाई गुहार
लखनऊ नगराम क्षेत्र के डिघारी गांव में लगातार हो रही तेज बारिश ने एक गरीब मजदूर परिवार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश के चलते मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले रामशंकर रावत का कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया। मकान गिरने से परिवार का आशियाना उजड़ गया, जबकि घर के अंदर रखा गृहस्थी का जरूरी सामान और खाने-पीने की सामग्री मलबे में दबकर खराब हो गई। हादसे के बाद परिवार के सामने सिर छिपाने के साथ ही रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का संकट खड़ा हो गया है।बताया गया कि रामशंकर रावत मेहनत-मजदूरी करके किसी तरह अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। लगातार हो रही बारिश से मकान की दीवारें और छत पहले से ही कमजोर हो चुकी थीं। सोमवार को बारिश के दौरान अचानक मकान का एक हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा। मकान गिरने की आहट होते ही परिवार के सदस्य किसी तरह बाहर निकल गए, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया और किसी की जान नहीं गई।मलबे में दब गई पूरी गृहस्थी मकान के अचानक गिरने से घर के भीतर रखा खाने-पीने का सामान, कपड़े, बर्तन और गृहस्थी का अन्य जरूरी सामान मलबे में दब गया। बारिश के पानी और मलबे में दबने के कारण काफी सामान खराब हो गया। पीड़ित परिवार के मुताबिक, मजदूरी से होने वाली सीमित आमदनी से बड़ी मुश्किल से घर का खर्च चलता था। ऐसे में मकान गिरने के बाद गृहस्थी का सामान बर्बाद हो जाने से उनकी आर्थिक परेशानी और बढ़ गई है।
आशियाना उजड़ने से बढ़ी परेशानी
मकान ढहने के बाद रामशंकर रावत का परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। बारिश का दौर जारी रहने के कारण परिवार को सुरक्षित स्थान पर रहने की चिंता सता रही है। पीड़ित का कहना है कि मजदूरी से जितनी आमदनी होती है, उससे परिवार का पेट पालना ही मुश्किल है। ऐसे में नया मकान बनवाना उसके लिए संभव नहीं है। परिवार ने प्रशासन से तत्काल मदद की गुहार लगाई है।
प्रशासन से आर्थिक सहायता और आवास की मांग
पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से मौके पर राजस्व विभाग की टीम भेजकर मकान गिरने से हुए नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है। परिवार का कहना है कि बारिश से मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, इसलिए नियमानुसार आपदा राहत के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि परिवार को तत्काल राहत मिल सके।इसके साथ ही परिवार ने पात्रता के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाए जाने की भी मांग की है। पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि उसे सरकारी आवास योजना का लाभ मिल जाता है तो बारिश और मौसम की मार से बचने के लिए परिवार को पक्का आशियाना मिल सकेगा।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मदद की मांग घटना के बाद ग्रामीणों ने भी प्रशासन से गरीब परिवार की स्थिति का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में मकान ढह जाने के बाद परिवार के सामने रहने और भोजन तक का संकट पैदा हो गया है। प्रशासन को मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेना चाहिए और परिवार को तत्काल राहत सामग्री, अस्थायी रहने की व्यवस्था तथा नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि संबंधित अधिकारी जल्द ही मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन करेंगे और पीड़ित परिवार को सरकारी योजनाओं एवं आपदा राहत के तहत मिलने वाली सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
