पहली शादी छिपाकर विवाह करने, कई बार गर्भपात कराने और वर्षों तक प्रताड़ित करने का आरोप—पारिवारिक न्यायालय पहुंची पीड़िता, सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने से हुई थी किरकिरी——-
लखनऊ। राजधानी के इंदिरानगर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने अपने पति संजय तिवारी पर पहली शादी छिपाकर विवाह करने, वर्षों तक शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना देने, कई बार गर्भपात कराने तथा बेटे समेत घर से निकालने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी भाजपा से जुड़े बाराबंकी के चर्चित नेता और वर्तमान रामनगर ब्लॉक प्रमुख हैं। महिला का आरोप है कि पति के राजनीतिक रसूख के चलते उसे न्याय के लिए भटकना पड़ा। पुलिस के उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद अब मामले में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई है।
मामले ने पिछले महीने उस समय तूल पकड़ लिया था, जब पीड़िता ने पारिवारिक न्यायालय में भी मुकदमा दायर कर न्याय की गुहार लगाई थी। इसके बाद पति पर लगाए गए गंभीर आरोप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए थे। मामला सार्वजनिक होने के बाद मौजूदा रामनगर ब्लॉक प्रमुख संजय तिवारी को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर असहज स्थिति का सामना करना पड़ा था। अब पुलिस में मुकदमा दर्ज होने के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में है।पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र के मुताबिक, पीड़िता का विवाह 21 नवंबर 2000 को बाराबंकी जिले के मझौनी लोधौरा निवासी संजय तिवारी के साथ हुआ था। महिला का आरोप है कि विवाह के समय पति ने खुद को अविवाहित बताया था, जबकि वह पहले से शादीशुदा थे और उनकी तीन बेटियां थीं। पीड़िता के अनुसार, शादी के करीब आठ महीने बाद उसे पति की पहली शादी की जानकारी हुई। विरोध करने पर उसके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार और मारपीट की जाने लगी।
कमरे में बंद कर प्रताड़ित करने और कई बार गर्भपात कराने का आरोप——-
पीड़िता ने आरोप लगाया कि पति उसे कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगा देते थे। इस दौरान उसे भूख-प्यास से परेशान होना पड़ता था और घर से बाहर निकलने तक नहीं दिया जाता था। महिला का दावा है कि उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए गए और कई बार गर्भपात कराया गया। वर्ष 2005 में बेटे के जन्म के बाद भी कथित प्रताड़ना जारी रही। पीड़िता ने पति पर कई बार गला दबाकर जान से मारने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है।
मां-बेटे को फार्म हाउस पर पीटकर घर से निकालने का लगाया था आरोप———
महिला के मुताबिक, पति आए दिन उसे और उसके बेटे को प्रताड़ित करते थे। शिकायती पत्र में उसने वर्ष 2024 से खुशबू शुक्ला नाम की महिला से पति के कथित संबंध होने का भी आरोप लगाया है। पीड़िता का दावा है कि 29 नवंबर 2025 को उसे और उसके बेटे को फार्म हाउस पर बुलाया गया, जहां पति और उनके गार्डों ने कथित तौर पर लात-घूंसों तथा डंडों से मारपीट की। इसके बाद दोनों को घर से निकाल दिया गया। महिला का कहना है कि तब से वह अपने बेटे के साथ अलग रहने को मजबूर है।
उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुआ मुकदमा——-
पीड़िता का आरोप है कि पति के राजनीतिक प्रभाव के कारण उसे न्याय पाने के लिए लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ा। महिला ने अपनी और बेटे की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर आशंका जताई है। उसने आरोप लगाया कि दोनों को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।पीड़िता ने 10 सितंबर 2026 को इंदिरानगर पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। महिला के अनुसार, स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होने के बाद मामला पुलिस के उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया गया। उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
