परिजनों ने सीएम को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच व दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग……
मोहनलालगंज। लखनऊ,फतेपुर जनपद में तैनात लेखपाल सुशील कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मृतक के परिजनों, ग्रामीणों और सहकर्मी लेखपालों ने शुक्रवार को मोहनलालगंज तहसील परिसर में जोरदार धरना–प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों ने तहसील प्रशासन को मुख्यमंत्री को संबोधित विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की।
शादी से ठीक पहले मानसिक दबाव का आरोप परिजनों द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उनका कहना है कि सुशील कुमार का विवाह 26 नवंबर को होना था। इसके लिए उन्होंने अवकाश मांगा था, मगर संबंधित अफसरों ने छुट्टी स्वीकृत नहीं की। उल्टे उन्हें बार-बार कार्यालय आने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि बीते मंगलवार की शाम उन्हें राजस्व अधिकारी संजय कुमार सवर्ण ने घर बुलाकर पैसों की मांग की तथा अभद्र भाषा में धमकाया कि आदेश न मानने पर नौकरी खत्म कर दी जाएगी।कथित मानसिक उत्पीड़न और भारी दबाव में आकर सुशील तनावग्रस्त हो गए और इन्हीं परिस्थितियों में उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया।एफआईआर दर्ज करने में देरी, परिजनों ने लगाई लापरवाही की शिकंजा परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बहन द्वारा दिए गए आवेदन पर एफआईआर दर्ज करने में 30 घंटे से अधिक की देरी की। आरोप है कि असली दोषियों के नाम जानबूझकर रिपोर्ट में शामिल नहीं किए गए और केवल एक राजस्व निरीक्षक के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई।पीड़ित परिवार का कहना है कि प्रशासनिक अनदेखी और अधिकारियों की संवेदनहीनता ने सुशील की जिंदगी छीन ली।लेखपालों में रोष कहाअधिकारियों के दबाव से टूट रही हमारी कमर’प्रार्थना पत्र में जारी विवरण के अनुसार, जनपद में कई लेखपाल अपने उच्च अधिकारियों की मनमानी, फटकार, अपमानजनक व्यवहार, वेतन रोकने और प्रतिकूल प्रविष्टि जैसी कार्रवाई से मानसिक रूप से परेशान हैं।लेखपालों का कहना है कि अत्यधिक कार्यभार, लगातार दबाव और विभागीय उदासीनता के कारण कर्मचारी अवसाद, हाईबीपी, शुगर जैसे गंभीर रोगों की चपेट में आ रहे हैं। उन्हीं परिस्थितियों ने सुशील की जान ले ली।
मोहनलालगंज में जोरदार विरोध‘न्याय दो,अन्यथा आंदोलन होगा तेज…..
धरना–प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने कहा कि दोषी अधिकारियों को बचाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच न हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों को तत्काल निलंबित कर कार्रवाई शुरू करे।
परिजनों की प्रमुख मांगें राजस्व अधिकारी संजय कुमार सवर्ण को मुख्य आरोपी बनाते हुए एफआईआर में नाम दर्ज किया जाए।मृतक की मां को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए। लेखपालों पर अनावश्यक दबाव बंद करने के स्पष्ट निर्देश जारी हों।अधिकारियों व कर्मचारियों के बीच सम्मानजनक व्यवहार और संवाद स्थापित करने के लिए नियमित बैठकें सुनिश्चित की जाएं।
धरना–प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपकर परिजनों ने साफ कहा जब तक हमें न्याय नहीं मिलेगा, हमारी लड़ाई जारी रहेगी।
