विद्यालयों व शिक्षण संस्थानों में श्रद्धांजलि कार्यक्रम, समेसी में युवक दिवस के रूप में हुआ आयोजन…..
नगराम। लखनऊ।महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, आज़ाद हिंद फौज के संस्थापक और राष्ट्रनायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती नगराम क्षेत्र में पूरे श्रद्धा, सम्मान और देशभक्ति के भाव के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों, इंटर कॉलेजों एवं शिक्षण संस्थानों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन कर नेताजी को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।परिषदीय प्राथमिक विद्यालय नगराम, समेसी, रसूलपुर, छतौनी, रामबक्श खेड़ा, पटवाखेड़ा, सिरौना, हरदोईया, अनैया खरगापुर, हसवा, ममईमऊ सहित चौधरी प्यारेलाल सीपीएल इंटर कॉलेज लक्ष्मनपुर हरदोईया, पंचशील इंटर कॉलेज हरदोईया, जवाहरलाल नेहरू इंटर कॉलेज बहरौली, राज नारायण जायसवाल इंटर कॉलेज नगराम, शिव नंदन इंटर कॉलेज छतौनी तथा चिन्मय विद्यालय समेसी में नेताजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को नेताजी के जीवन, उनके संघर्ष, त्याग और देश की आज़ादी में योगदान से अवगत कराया गया।
इसी क्रम में समेसी गांव में सुभाष चंद्र बोस युवक मंगल दल समिति द्वारा नेताजी की 129वीं जयंती युवक दिवस के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण से हुई, तत्पश्चात नेताजी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्रगान गाया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था अध्यक्ष रामानंद चौरसिया ने नेताजी के अद्वितीय साहस, बलिदान और देश के प्रति समर्पण पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि नेताजी का योगदान देश कभी नहीं भूल सकता और युवाओं को उनके आदर्शों पर चलकर राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनना चाहिए।कार्यक्रम के दौरान यह महत्वपूर्ण संकल्प भी लिया गया कि ग्राम समेसी के प्रवेश द्वार पर आज़ाद हिंद फौज के शहीदों की स्मृति में एक स्मारक का निर्माण जनसहयोग से कराया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां देश के वीर सपूतों से प्रेरणा ले सकें।इस अवसर पर ग्राम प्रधान अशोक कुमार रावत, बाबादीन गौतम, दिव्यांशु मिश्रा, अतुल कुमार मिश्रा, मोतीलाल रावत, रामचंद्र यादव, सुनील तिवारी, दिनेश मौर्य, संतोष मौर्य, रामनरेश चौरसिया, वीरेन्द्र यादव, श्रवण कुमार रावत, सुभाषित चौरसिया, अभिषेक चौरसिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति के नारों और नेताजी अमर रहें के उद्घोष के साथ हुआ।
