सिंहपुर (अमेठी)। गोधना गांव निवासी बी.फार्मा छात्र दुर्गेश कुमार शुक्ला उर्फ सौरभ (21) की मौत ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है। मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का सपना संजोए दुर्गेश ने जगदीशपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित यूपीसीडा कॉलोनी में फांसी लगाकर जान दे दी। सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि उसे बचाने के लिए रायबरेली से करीब 50 किलोमीटर की दूरी तय कर पहुंची उसकी प्रेमिका भी उसकी जान नहीं बचा सकी।जानकारी के अनुसार दुर्गेश अमेठी के पूर्व सीएमओ डॉ. आनंद ओझा के यहां रहकर मेडिकल कार्य सीख रहा था और साथ ही बी.फार्मा की पढ़ाई कर रहा था। बताया जाता है कि उसका रायबरेली निवासी एक युवती से करीब डेढ़ वर्ष से प्रेम संबंध था। दोनों के बीच अक्सर बातचीत होती थी।परिजनों और करीबी लोगों के अनुसार दुर्गेश पिछले कुछ दिनों से किसी बात को लेकर परेशान चल रहा था। घटना वाले दिन भी उसकी युवती से फोन पर बात हुई थी, लेकिन अचानक उसका मोबाइल बंद हो गया। फोन बंद होने के बाद युवती ने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका पर उसने मामले की जानकारी डॉ. ओझा सहित अन्य लोगों को दी और खुद अपने प्रेमी को बचाने के लिए रायबरेली से यूपीसीडा कॉलोनी पहुंच गई।मगर उसके पहुंचने से पहले ही दुर्गेश कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर फांसी के फंदे पर झूल चुका था। पुलिस को दिए बयान में युवती ने बताया कि वह दुर्गेश को बचाने की उम्मीद लेकर पहुंची थी, लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था।दुर्गेश अपने मिलनसार स्वभाव, मददगार प्रवृत्ति और मेडिकल क्षेत्र की अच्छी जानकारी के लिए जाना जाता था। गांव के लोगों का कहना है कि वह हमेशा दूसरों की मदद के लिए आगे रहता था। उसकी असमय मौत से पूरे गोधना गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मां रीना शुक्ला पहले से अस्वस्थ हैं और बेटे की मौत की खबर के बाद उनकी हालत और बिगड़ गई। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।थानाध्यक्ष मुकेश पटेल ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
