(बीमारी के इलाज, संतान प्राप्ति, आर्थिक सहायता और विवाह का झांसा देकर कराते थे धर्मांतरण, तमिलनाडु से जुड़े नेटवर्क की जांच में सामने आए अहम खुलासे)
मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज पुलिस ने धर्म परिवर्तन के लिए कथित तौर पर प्रलोभन और दबाव बनाकर लोगों का धर्मांतरण कराने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह ग्रामीणों को बीमारी के इलाज, संतान प्राप्ति, आर्थिक सहायता और विवाह जैसे प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करता था। मामले में तमिलनाडु से जुड़े नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।मोहनलालगंज के भरसवा गांव निवासी अमित कुमार की तहरीर पर मोहनलालगंज पुलिस ने में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि गांव के चन्द्रभान, आरती, सीमा, डेनियल, सुबला, शीला और अजय रावत लगातार चर्च आने का दबाव बनाते थे और धर्म परिवर्तन करने पर संतान प्राप्ति सहित अन्य लाभ मिलने का प्रलोभन देते थे। विरोध करने पर धमकाने का भी आरोप लगाया गया।विवेचना के दौरान पुलिस ने कई ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से गांव और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय थे। वे रात के समय चार पहिया वाहन से गांव पहुंचकर बैठकें करते थे तथा बीमारी के इलाज, आर्थिक सहायता और अन्य प्रलोभनों के माध्यम से लोगों को प्रभावित करने का प्रयास करते थे। एक गवाह ने पुलिस को बताया कि घुटनों के दर्द के इलाज के बहाने उसे चर्च ले जाया गया, जहां बाद में धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया।पूछताछ में मुख्य आरोपी डेनियल ने पुलिस को बताया कि उसका बचपन का नाम बाला सुब्रह्मण्यम था और विवाह के बाद उसने ईसाई धर्म अपनाया। इसके बाद वर्ष 1998 में वह तमिलनाडु के कन्याकुमारी स्थित एफजीपीसी चर्च के निर्देश पर लखनऊ आया। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि लोगों को विभिन्न प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का लक्ष्य दिया जाता था और इसके लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती थी। पुलिस इन तथ्यों का सत्यापन कर रही है।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक बोलेरो वाहन, धार्मिक पुस्तक, धर्म परिवर्तन से संबंधित बुकलेट, विवाह संबंधी दस्तावेज तथा बैंक स्टेटमेंट की छायाप्रति बरामद की है। सभी सातों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी रल्लापल्ली वसंथ कुमार ने बताया कि “विवेचना के दौरान जो भी साक्ष्य सामने आए हैं, उनके आधार पर कार्रवाई की गई है। मामले के आर्थिक और अंतर्राज्यीय पहलुओं की भी गंभीरता से जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी विधिक कार्यवाही की जाएगी।एसीपी राजेश कुमार सिंह ने कहा कि धर्म परिवर्तन के लिए प्रलोभन, कपट या दबाव का इस्तेमाल कानूनन अपराध है। पुलिस प्रत्येक तथ्य का वैज्ञानिक एवं विधिक आधार पर परीक्षण कर रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी है।
