मोहनलालगंज में जमीन घोटालों पर लगेगा ब्रेक, जालसाज गिरोहों के हौसले पस्त…….
मोहनलालगंज। लखनऊ,प्रदेश सरकार द्वारा पहली फरवरी से जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री के लिए क्रेता, विक्रेता और गवाहों का आधार कार्ड बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किए जाने के बाद फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोहों पर सख्त शिकंजा कस गया है। नई व्यवस्था के तहत ऑनलाइन पंजीकरण के दौरान आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी के माध्यम से भी पहचान की जा रही है, जिससे जालसाजों की राह लगभग बंद हो गई है।मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय भूमाफिया और जालसाज गिरोह दूसरे की जमीन को अपना बताकर फर्जी विक्रेता व गवाह खड़े कर रजिस्ट्री करा रहे थे। फर्जी आधार कार्ड बनवाकर मूल किसान या जमीन मालिक का नाम कंप्यूटर सिस्टम में दर्ज कर दिया जाता था और पुख्ता सत्यापन व्यवस्था के अभाव में रजिस्ट्री आसानी से हो जाती थी।हाल ही में सामने आए कई मामलों ने इस संगठित फर्जीवाड़े की पोल खोल दी। ठाकुरगंज निवासी मंजू वर्मा और उनके ज्येष्ठ राजकुमार की भदेसुआ स्थित करीब 9 बीघा बेशकीमती जमीन की फर्जी रजिस्ट्री का मामला प्रकाश में आया, जिसमें जालसाजों ने फर्जी मंजू व फर्जी राजकुमार बनकर जमीन बेच दी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि विक्रेता और गवाहों के नाम से बनाए गए फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया गया था।
इसी तरह उदयपुर की विमला देवी ने फरवरी 2023 में मर चुके अपने पति अवधपाल सिंह का फर्जी आधार कार्ड बनवाकर किसी अन्य व्यक्ति को उनकी जगह खड़ा कर अप्रैल 2024 में 17 बिस्सा जमीन का बैनामा कराए जाने का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस जांच में जालसाजी की पुष्टि होने के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
ऐशबाग निवासी सैयद फरहान हुसैन ने भी अपने मृतक पिता और चार चाचाओं की जगह फर्जी लोगों को खड़ा कर बेशकीमती जमीन बेचने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि मृतकों के नाम से फर्जी आधार कार्ड तैयार कराए गए थे।इसके अलावा काली पश्चिम की जाबिरा उर्फ सलाहुम निशा ने अपने भाई नूर मोहम्मद की जमीन फर्जी आधार कार्ड के जरिए हड़पने का मुकदमा दर्ज कराया, जबकि उमेद खेड़ा की फूलमती ने 30 वर्ष पहले मर चुके ससुर महावीर के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाकर जमीन बेचने का मामला थाने में दर्ज कराया है।सब रजिस्ट्रार धर्मेन्द्र तिवारी ने बताया कि आधार कार्ड बायोमेट्रिक सत्यापन से रजिस्ट्री प्रक्रिया में थोड़ा समय जरूर लग रहा है, लेकिन इससे फर्जीवाड़े पर काफी हद तक रोक लगी है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और ओटीपी सत्यापन के कारण अब फर्जी दस्तावेजों के सहारे रजिस्ट्री कराना आसान नहीं रहा।
उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद भी रजिस्ट्री की संख्या पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। पहले जहां प्रतिदिन औसतन 100 रजिस्ट्री होती थीं, वहीं अब भी 90 से 95 रजिस्ट्री हो रही हैं। जिन मामलों में आधार सत्यापन में अड़चन आती है, उनमें आवेदकों को कमी दूर कर अगले दिन बुला लिया जाता है।प्रशासन और पुलिस की संयुक्त सख्ती से उम्मीद की जा रही है कि मोहनलालगंज क्षेत्र में जमीन-जायदाद से जुड़े फर्जीवाड़ों पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा और आम लोगों की संपत्ति सुरक्षित रह सकेगी।
[11/02, 11:44 am] Prashant Trivedi Sir: पिता को बचाने के लिए 12 बर्ष पुर्व मृतक राहुल नामक व्यक्ति हुआ जीवित। सोशल मीडिया पर भ्रमिक विडियो बनाकर किया वायरल
बिजनौर/एक ऐसा चमत्कारी मामला सामने आया है।जो आपने इससे पहले ना सुना होगा, और ना आज के बाद सुन व देख पाओगे।
दरअसल मामला दिनांक 05/02/2026 की रात्रि थाना शेरकोट के गांव नागरपुर खड़क सैन हरेवली से है। जहां पिता विजयपाल सिंह ने साथी तेजपाल आदि के सहयोग से बेकसूर बिमारी से ग्रस्त ठाकुर कुमार नामक व्यक्ति जो आपने ऊपर भोंकने वाले कुत्ते को गाली गलौज कर रहा था। उसके सर पर धारदार हथियार से घातक हमला कर दिया, उसके बाद दोबारा से बरछी से सिने पर बार कर बुरी तरह घायल कर दिया। घायल व्यक्ति को उसके चाचा त्रिलोक सिंह ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से कराया। लेकिन स्थानीय पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया। अगले ही दिन अचानक से आसमान में ज़ोरदार बिजली की गड़गड़ाहट होती है।और लगभग 12 बर्ष पुर्व मृतक राहुल नामक पुत्र ज़िन्दा होकर अपने पिता विजयपाल सिंह को कानूनी कार्यवाही से बचाने के लिए एक भ्रमिक विडियो बनाता है। और उस विडियो को सोशल मीडिया पर वायरल भी कर देता है। सबसे हैरानी व अच्छी बात तो यह है।कि स्थानीय पुलिस भी इस चमत्कारी व्यक्ति के द्वारा बनाई गई घटना व वायरल विडियो का सहयोग करते हुए। पीड़ित परिवार पर ही मुकदमा दर्ज कर देती, निष्पक्ष एवं सही जांच जरूरी
