संरक्षण के आरोपों से गरमाई मोहनलालगंज तहसील
मोहनलालगंज। संवाददाता
शुक्रवार को मोहनलालगंज तहसील में उस समय हलचल मच गई जब लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी के प्रस्तावित निरीक्षण की सूचना फैली। बताया जाता है कि निरीक्षण से पहले तहसील की कोर्ट समेत विभिन्न कार्यालयों में कार्यरत करीब एक दर्जन निजी कर्मचारी अचानक अपने स्थान से गायब हो गए।
सूत्रों के अनुसार, जैसे ही निरीक्षण की जानकारी मिली, कुछ कथित निजी कर्मचारी कार्यालयों से निकल गए। हालांकि शनिवार को वही कर्मचारी पुनः अपनी-अपनी सीटों पर कार्य करते नजर आए। इस घटनाक्रम ने तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निजी कर्मचारी अधिकृत नहीं हैं तो वे नियमित रूप से कार्यालयों में कैसे कार्य कर रहे हैं, और यदि अधिकृत हैं तो निरीक्षण के समय अनुपस्थित क्यों रहे। इस पूरे प्रकरण से यह आशंका जताई जा रही है कि इन कर्मचारियों को स्थानीय अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है।गौरतलब है कि शुक्रवार को जिलाधिकारी द्वारा तहसील के विभिन्न पटलों और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों की स्थिति, लंबित मामलों और साफ-सफाई आदि की भी समीक्षा की गई।अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या बिना औपचारिक नियुक्ति के निजी कर्मचारी सरकारी कार्य में लगे हुए हैं? यदि हां, तो उनकी जिम्मेदारी और जवाबदेही किसके अधीन है? मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और प्रशासन से पारदर्शिता की अपेक्षा की जा रही है।
