मोहनलालगंज।लखनऊ, बीते होली के दिन युवती के साथ हुई शर्मनाक छेड़छाड़ की घटना में अब पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। गोकुल रेजीडेंसी, मऊ निवासी युवती की शिकायत पर आखिरकार मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन यह कार्रवाई उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही संभव हो सकी।पीड़िता के अनुसार बीते 04 मार्च को होली के दिन वह अपनी सहेली के घर जा रही थी, तभी रास्ते में 4-5 नशे में धुत युवकों ने उसे जबरन पकड़ लिया और रंग लगाने के बहाने अश्लील हरकतें कीं। आरोप है कि राजू यादव ने उसके बाल पकड़कर उसे रोका, जबकि एक अन्य युवक ने खुद को किशन यादव बताते हुए उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी।घटना के बाद पीड़िता ने मोहनलालगंज थाने पहुंचकर शिकायत की, लेकिन आरोप है कि मोहनलालगंज पुलिस मामले को गंभीरता से लेने के बजाय उसे लगातार टालती रही। इससे पीड़िता और उसके परिजन काफी परेशान रहे।मामला तब आगे बढ़ा जब इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंची। इसके बाद डीसीपी निपुण अग्रवाल के निर्देशन में पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए। आदेश मिलते ही मोहनलालगंज पुलिस हरकत में आई और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया।एसीपी विकास पांडेय का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की पहचान कर जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।इस घटना से क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि शुरुआत में ही पुलिस तत्परता दिखाती तो पीड़िता को इतना भटकना नहीं पड़ता। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करती है।
