मोहनलालगंज, लखनऊ।मोहनलालगंज पुलिस ने अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत एक सक्रिय अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है।पुलिस के अनुसार, निगोहा थाना में दर्ज मुकदमा संख्या 31/2026 के तहत इस गिरोह के कुल आठ सदस्यों को चिन्हित किया गया है। बीती 18 मार्च की रात करीब 9:45 बजे पुलिस टीम ने गोसाईगंज थाना क्षेत्र के हबुआ पुल के पास घेराबंदी कर चार आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों में गैंग लीडर कमलेश, अभिलाष उर्फ अभिलाख, बाबूराम और रामचन्दर उर्फ छोटू शामिल हैं।पूछताछ और जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, 24 मार्च 2025 की रात गिरोह ने भैदुआ गांव में डकैती की योजना बनाई थी। वारदात को अंजाम देने के दौरान एक मकान की छत पर आपसी विवाद में गिरोह के ही एक सदस्य को गोली लग गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान सुशील चौहान निवासी सीतापुर के रूप में हुई।गिरोह ने अपने साथी की मौत को छिपाने के लिए शव को घटनास्थल से हटाकर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया, ताकि मामला हादसा लगे और पुलिस को गुमराह किया जा सके।पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अप्रैल 2025 में इस गिरोह के साथ हुई एक मुठभेड़ में गैंग लीडर कमलेश और रामचन्दर उर्फ छोटू सहित चार बदमाशों के पैरों में गोली लगी थी, लेकिन इसके बावजूद ये लोग आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहे।गिरोह की कार्यप्रणाली भी बेहद शातिराना थी। वारदात से पहले ये लोग गांवों में कई दिनों तक रेकी करते थे और पकड़े जाने से बचने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे। घटनास्थल के पास पहुंचने से पहले ये अपनी बाइकें दूर छिपा देते थे और खेतों के रास्ते पैदल पहुंचते थे।सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए गिरोह के सदस्य कम कपड़े पहनकर शरीर पर तेल लगा लेते थे और अंधेरी रातों में वारदात को अंजाम देते थे, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता था।मोहनलालगंज इंस्पेक्टर बृजेश त्रिपाठी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी शातिर अपराधी हैं और लंबे समय से आपराधिक घटनाओं में सक्रिय थे। गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई की गई है। शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द ही पूरे गिरोह का नेटवर्क ध्वस्त कर दिया जाएगा और क्षेत्र में अपराध पर सख्ती से नियंत्रण किया जाएगा।एसीपी विकास पांडेय का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है।
