मोहनलालगंज, लखनऊ। विकास खंड मोहनलालगंज के कुसमौरा सुखनाखेड़ा गांव में मंगलवार को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर भव्य कार्यक्रम के साथ-साथ बाइक रैली के रूप में भीम यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पूरे गांव को जय भीम के नारों से गुंजायमान कर दिया। कार्यक्रम का आयोजन जीके न्यूज के सीएमडी नागेश्वर द्विवेदी की अगुवाई में किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित करने के साथ हुई। ग्राम प्रधान कमल गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने बाबा साहेब के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।इसके बाद निकली भव्य बाइक रैली गांव के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। रैली में शामिल युवाओं ने “जय भीम” के नारे लगाते हुए सामाजिक एकता, समानता और जागरूकता का संदेश दिया। पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना रहा और जगह-जगह ग्रामीणों ने रैली का स्वागत किया। नागेश्वर द्विवेदी ने जिला पंचायत सदस्य अमरेंद्र भरद्वाज सहित अन्य लोगों के साथ स्वयं बाइक चलाकर युवाओं का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के विचार आज भी समाज को दिशा देने का काम कर रहे हैं और उनके बताए मार्ग पर चलकर ही एक समतामूलक समाज की स्थापना संभव है।वक्ताओं ने अपने संबोधन में डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्षों, शिक्षा के महत्व और सामाजिक न्याय के प्रति उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने समाज के हर वर्ग को समान अधिकार दिलाने के लिए जो संघर्ष किया, वह आज भी प्रेरणास्रोत है।वहीं, निगोहा क्षेत्र के अघइया स्थित प्राथमिक विद्यालय में भी अंबेडकर जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस मौके पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि एवं समाजसेवी प्रदीप द्विवेदी ने ग्रामीणों के साथ अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।प्रदीप द्विवेदी ने अपने संबोधन में बाबा साहेब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके सिद्धांत आज भी समाज को सही दिशा दिखाते हैं। उन्होंने लोगों से शिक्षा, समानता और भाईचारे के मार्ग पर चलने की अपील की।कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, युवाओं एवं महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही। पूरे आयोजन के दौरान सामाजिक समरसता, एकता और जागरूकता का संदेश प्रमुख रूप से उभरकर सामने आया।
