मोहनलालगंज।लखनऊ। प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायतों के कार्यकाल को बढ़ाए जाने की मांग ने अब जोर पकड़ लिया है। इसी क्रम में मोहनलालगंज विकास खण्ड के प्रधान संघ के नेतृत्व में ग्राम प्रधानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन प्रेषित कर पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल एक वर्ष बढ़ाने की मांग उठाई है।ज्ञापन में बताया गया है कि प्रदेश की ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत का कार्यकाल क्रमशः 26 मई 2026, 12 जुलाई 2026 एवं 20 जुलाई 2026 को समाप्त होने जा रहा है। हालांकि, वर्तमान परिस्थितियों में पंचायत चुनाव समय पर कराना संभव नहीं दिख रहा है। इसके पीछे मतदाता सूची के पुनरीक्षण में देरी, समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन लंबित होना तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित ‘ट्रिपल टेस्ट’ प्रक्रिया का पूर्ण न होना प्रमुख कारण बताए गए हैं।प्रधान संघ के अध्यक्ष देवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि बिना आवश्यक विधिक प्रक्रियाओं को पूरा किए चुनाव कराना न केवल न्यायसंगत नहीं होगा, बल्कि इससे भविष्य में कानूनी जटिलताएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय पर चुनाव नहीं होते और पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति की जाती है, तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचेगा।
ज्ञापन में पूर्व के अनुभवों का हवाला देते हुए बताया गया कि जब पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए गए थे, तब कई स्थानों पर पारदर्शिता की कमी, जवाबदेही का अभाव और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। इससे ग्रामीण स्तर पर प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास भी प्रभावित हुआ था।
प्रधानों का कहना है कि ग्राम प्रधान एवं अन्य पंचायत प्रतिनिधि सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं, इसलिए वे जनता के प्रति अधिक जिम्मेदार और जवाबदेह होते हैं। स्थानीय समस्याओं की बेहतर समझ होने के कारण वे विकास कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकते हैं।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड जैसे राज्यों में समान परिस्थितियों में निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाए रखा गया है, जो एक सफल उदाहरण है।प्रधान संघ ने मांग की है कि वर्तमान हालात को देखते हुए पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल कम से कम एक वर्ष के लिए बढ़ाया जाए, जिससे ग्रामीण विकास कार्यों में निरंतरता बनी रहे, प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत बनी रहे।
अंत में मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को ही कार्यभार जारी रखने के लिए शासनादेश जारी किया जाए। इस ज्ञापन पर मोहनलालगंज विकास खण्ड के अनेक ग्राम प्रधानों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दिया।
