मोहनलालगंज, लखनऊ। थाना मोहनलालगंज क्षेत्र के मऊ गांव में गुरुवार शाम एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। नहर किनारे स्थित एक आम के बाग में औंधे मुंह पड़े युवक के शव को देखकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। घटना को लेकर जहां हत्या और आत्महत्या के बीच गुत्थी उलझी हुई है, वहीं पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, शव मिलने की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दी गई, लेकिन करीब 45 मिनट तक मौके पर कोई पुलिसकर्मी नहीं पहुंचा। इस देरी को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया और उन्होंने पुलिस की संवेदनहीनता पर नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस पहुंचती तो घटनास्थल के अहम साक्ष्य सुरक्षित रखे जा सकते थे।मऊ पुरसेनी नहर मार्ग के किनारे बाग में मिले शव की हालत भी संदिग्ध बताई जा रही है। युवक अर्धनग्न अवस्था में था और उसके शरीर पर केवल हाफ चड्ढा था। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, जिससे हत्या की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
सूचना के बाद मौके पर एसीपी विकास पांडे, इंस्पेक्टर बृजेश त्रिपाठी और कस्बा चौकी इंचार्ज अतुल सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर जानकारी जुटाने का प्रयास किया।
एसीपी विकास पांडे ने बताया कि मृतक की उम्र करीब 30 से 35 वर्ष के बीच प्रतीत हो रही है और वह दाढ़ी रखा हुआ है। फिलहाल शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस का कहना है कि मृतक की पहचान कराने के लिए आसपास के ग्रामीणों और सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है। साथ ही घटना के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का।
फिलहाल, इस पूरे मामले ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और ग्रामीण निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
