निगोहां।लखनऊ,निगोहां थाना क्षेत्र के खुद्दी खेड़ा गांव में शनिवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गांव के बाहर स्थित सिद्धेश्वर शुक्ला के आम के बाग और उससे सटे जंगल में अचानक आग लग गई। तेज हवाओं के चलते आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। आग की ऊंची-ऊंची लपटें और धुएं का घना गुबार दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गई।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आम के बाग में काफी मात्रा में सूखी पत्तियां और झाड़ियां पड़ी थीं। आशंका जताई जा रही है कि किसी राहगीर द्वारा बीड़ी या सिगरेट पीकर फेंक देने से सूखी पत्तियों ने आग पकड़ ली। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और देखते ही देखते बाग के बड़े हिस्से के साथ जंगल की झाड़ियां भी उसकी चपेट में आ गईं।आग की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और बाल्टियों से पानी डालकर, मिट्टी फेंककर तथा पेड़ों की हरी डालियों से आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने तत्काल फायर स्टेशन को भी सूचना दी, लेकिन काफी देर तक दमकल की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंच सकी। इससे ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली।फायर ब्रिगेड के समय पर न पहुंचने पर ग्रामीणों ने खुद ही मोर्चा संभाला और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ग्रामीणों की सतर्कता और सूझबूझ के चलते आग आसपास के खेतों और आबादी तक नहीं पहुंच सकी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।हालांकि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और न ही किसी प्रकार का बड़ा आर्थिक नुकसान सामने आया है, लेकिन आम के बाग में पड़ी सूखी पत्तियां, घास-फूस और जंगल की झाड़ियां जलकर राख हो गईं। आग लगने से बाग क्षेत्र में काफी देर तक धुआं फैलता रहा।घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से ग्रामीण क्षेत्रों में अग्निशमन व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते दमकल की गाड़ी पहुंच जाती तो आग को और जल्दी नियंत्रित किया जा सकता था तथा नुकसान भी कम होता। लोगों ने गर्मी के मौसम में जंगल और बाग क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील भी की है।
