मोहनलालगंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मामले में अब तक पांच आरोपी जेल भेजे गए…….
मोहनलालगंज।लखनऊ, फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये मूल्य की पैतृक भूमि पर अवैध कब्जा करने और उसे हड़पने की साजिश रचने वाले गिरोह के दो और वांछित आरोपियों को मोहनलालगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में प्रॉपर्टी डीलर फुरकान अहमद अब्बासी और अभिषेक यादव शामिल हैं। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।पुलिस के अनुसार लखनऊ के ख्यालीगंज कैसरबाग निवासी समीर मिर्जा ने बीते 11 दिसंबर को मोहनलालगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र के अमेठी गाँव में स्थित उनकी पैतृक भूमि पर फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अवैध दावा प्रस्तुत किया जा रहा है। मामले की जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी मोहम्मद फरीद मिर्जा ने स्वयं को वादी के स्वर्गीय चाचा खुसरू मिर्जा का वारिस साबित करने के लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार कराए थे। इतना ही नहीं, अपनी जीवित मां को मृत दर्शाकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तक बनवाया गया और न्यायालय समेत विभिन्न मंचों पर उनका उपयोग किया गया।जांच के दौरान संबंधित विभागों से प्राप्त रिपोर्ट में दस्तावेजों के फर्जी होने की पुष्टि हुई। पुलिस को बैंक खातों के लेन-देन, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों से यह भी पता चला कि जमीन के सौदों से प्राप्त धनराशि विभिन्न खातों में ट्रांसफर की गई थी और कई लोगों ने इस साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई थी।इस मामले में पूर्व में मुख्य आरोपी मोहम्मद फरीद मिर्जा, मोहम्मद अशफाक मिर्जा उर्फ बाबू मियां तथा कलीम खां को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं फरार चल रहे वांछित आरोपी फुरकान अहमद अब्बासी और अभिषेक यादव को बीते शुक्रवार की शाम बारादरी चौराहा, कैसरबाग से गिरफ्तार कर लिया गया।पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी फुरकान अहमद अब्बासी के खिलाफ गोसाईगंज थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी, गैंगस्टर एक्ट समेत कुल छह मुकदमे दर्ज हैं। वहीं अभिषेक यादव के खिलाफ धोखाधड़ी, मारपीट, दहेज उत्पीड़न और सड़क दुर्घटना से जुड़े मामलों सहित चार मुकदमे दर्ज हैं। दोनों आरोपी वर्तमान मामले में भी नामजद और वांछित चल रहे थे।
मोहनलालगंज इंस्पेक्टर बृजेश त्रिपाठी ने बताया कि पैतृक संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से फर्जी दस्तावेज तैयार कर न्यायालय और अन्य विभागों को गुमराह करने का प्रयास किया गया था। मामले की गहन विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर फरार चल रहे दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की धोखाधड़ी और कूटरचना में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा तथा मामले में आगे भी आवश्यक विधिक कार्रवाई जारी रहेगी।
