धमाके से दहला देवती गांव, फैक्ट्री की छत-दीवारें ढहीं, दो बाइकें जलकर राख…….
नगराम, लखनऊ। नगराम थाना क्षेत्र के देवती गांव में सोमवार सुबह एक लाइसेंसधारी पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। विस्फोट के साथ ही फैक्ट्री की छत और दीवारें भरभराकर गिर गईं तथा आसपास धुएं का घना गुबार फैल गया। हादसे में फैक्ट्री में काम कर रही 17 वर्षीय मारिया गंभीर रूप से झुलस गई, जिसकी इलाज के दौरान सिविल अस्पताल में मौत हो गई। वहीं एक युवक घायल हो गया। फैक्ट्री परिसर में खड़ी दो बाइकें भी आग की चपेट में आकर पूरी तरह जलकर राख हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सोमवार सुबह करीब 11 बजे अचानक तेज धमाका हुआ। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए। देखते ही देखते फैक्ट्री परिसर आग और धुएं की चपेट में आ गया। सूचना मिलते ही नगराम पुलिस, फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ तथा बम निरोधक दस्ते की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
पुलिस के अनुसार देवती गांव निवासी मोहम्मद सफीक के पास पटाखा एवं आतिशबाजी निर्माण का वैध लाइसेंस है। गांव के बाहर बने गोदामनुमा पक्के मकान में आतिशबाजी सामग्री तैयार की जाती थी। फैक्ट्री संचालक मोहम्मद सफीक ने बताया कि घटना के समय वह किसी कार्य से अपने घर गए हुए थे। फैक्ट्री में उनकी 17 वर्षीय भांजी मारिया तथा गांव का युवक मोहित मौजूद थे। इसी दौरान अचानक विस्फोट हो गया।धमाके के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहनलालगंज पहुंचाया गया। वहां से मारिया की हालत गंभीर होने पर उसे सिविल अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान दोपहर बाद उसकी मौत हो गई। घायल मोहित का उपचार जारी है।
जेसीबी से हटाया गया मलबा, बम निरोधक दस्ता रहा सक्रिय…….
घटना के बाद फायर ब्रिगेड कर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इसके बाद जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर तलाशी अभियान चलाया गया। बम निरोधक दस्ते ने फैक्ट्री में बची विस्फोटक सामग्री को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया। जांच के दौरान परिसर में बनी एक कोठरी से अग्निशमन के छह यंत्र भी बरामद हुए।
घटना के बाद सबसे पहले मौके पर पहुंचे ग्रामीण प्रशांत गुप्ता ने बताया कि धमाके की आवाज सुनकर वह घटनास्थल की ओर दौड़े। वहां पहुंचने पर मारिया गंभीर रूप से घायल अवस्था में खून से लथपथ कराह रही थी। उन्होंने अन्य ग्रामीणों और परिजनों की मदद से तत्काल उसे कार द्वारा अस्पताल भिजवाया।ग्रामीणों का कहना है कि धमाका इतना तेज था कि आसपास के घरों तक कंपन महसूस हुई। कई लोगों ने पहले इसे किसी बड़े हादसे या गैस सिलेंडर विस्फोट की घटना समझा। ग्रामीणों के अनुसार फैक्ट्री के पास खड़ी दो मोटरसाइकिलें पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गईं।मौके पर पहुंचे डीसीपी दक्षिणी अमित कुमार आनंद ने बताया कि फैक्ट्री संचालक के पास पटाखा निर्माण का वैध लाइसेंस है, लेकिन प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही के संकेत मिले हैं।
घटना अत्यंत दुखद है। फैक्ट्री लाइसेंसधारी है, लेकिन विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ और सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया जा रहा था, इसकी गहन जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
घटना की सूचना मिलते ही कार्यवाहक उपजिलाधिकारी मोहनलालगंज बृजेश कुमार वर्मा, एसीपी गोसाईंगंज ऋषभ यादव, क्षेत्रीय लेखपाल रोशनी साहू समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की। वही एसडीएम बृजेश कुमार वर्मा ने कहा प्रथम दृष्टया यह गंभीर दुर्घटना प्रतीत होती है। पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी। फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों, लाइसेंस की शर्तों तथा विस्फोटक सामग्री के भंडारण की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।देवती गांव की इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर पटाखा एवं विस्फोटक सामग्री निर्माण इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है। मृतका मारिया के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि ग्रामीण प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
