गोदाम में भीग रही खाद की बोरियां, कर्मचारियों व किसानों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा; कार्रवाई न होने पर किसान क्रांति यूनियन ने जताया कड़ा विरोध……
मोहनलालगंज। लखनऊ,मोहनलालगंज विकास खंड क्षेत्र स्थित सिसेंडी सहकारी समिति का कार्यालय और खाद गोदाम इन दिनों बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। लगातार हो रही बारिश ने समिति भवन की जर्जर स्थिति को उजागर कर दिया है। भवन की छत कई स्थानों से टपक रही है, जिससे कार्यालय और गोदाम के भीतर पानी भर रहा है। ऐसे में यहां कार्यरत कर्मचारियों के साथ-साथ खाद लेने आने वाले किसानों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।क्षेत्र के किसानों का कहना है कि समिति का भवन वर्षों पुराना हो चुका है और समय-समय पर इसकी मरम्मत भी नहीं कराई गई। लगातार बारिश के कारण छत से पानी टपकने से गोदाम में रखी खाद की बोरियां भी भीग रही हैं। किसानों का कहना है कि यदि खाद लंबे समय तक नमी में रही तो उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ेगा।समिति कर्मचारियों ने बताया कि बारिश के दिनों में कार्यालय के अंदर पानी टपकने से दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई जगहों पर छत का प्लास्टर झड़ रहा है और भवन की दीवारों में दरारें भी दिखाई देने लगी हैं। कर्मचारियों का कहना है कि हर समय छत का हिस्सा गिरने का भय बना रहता है। वहीं खाद लेने आने वाले किसानों को भी वितरण के दौरान भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि समिति भवन की जर्जर हालत से किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। किसानों ने मांग की है कि सहकारिता विभाग के अधिकारी तत्काल मौके का निरीक्षण कर भवन की स्थिति का आकलन करें और या तो इसकी तत्काल मरम्मत कराई जाए अथवा नए भवन का निर्माण कराया जाए। साथ ही गोदाम में रखी खाद की बोरियों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराई जा सके।इस मामले को लेकर किसानों में भी नाराजगी बढ़ती जा रही है। किसान क्रांति यूनियन के जिला प्रभारी अशोक यादव ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन किसानों के साथ मिलकर विशाल धरना-प्रदर्शन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।वहीं किसान क्रांति यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि मिश्रा ने सहकारिता विभाग के अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि किसानों की सुरक्षा और हितों को देखते हुए सिसेंडी सहकारी समिति को जल्द से जल्द किसी सुरक्षित नए भवन में स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने कहा कि जर्जर भवन में समिति का संचालन करना कर्मचारियों और किसानों दोनों की जान जोखिम में डालने जैसा है।क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए और कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और अधिकारियों की होगी। किसानों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
