निगोहां। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती के उपलक्ष्य में गुरुवार को निगोहां क्षेत्र में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ निकली यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी शामिल हुए। यात्रा के दौरान जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। भजन-कीर्तन, शंखनाद और ‘जय गुरु रविदास’ के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा।
कलश यात्रा का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुआ। यात्रा पीपलेश्वर हनुमान मंदिर लालपुर से होते हुए महावीर हनुमान मंदिर शेरपुर लवल, भवरेश्वर मंदिर सुदौली, अहिंवार धाम मंदिर राती और वरदानी हनुमान मंदिर निगोहां समेत क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पहुंची। प्रत्येक मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर संत रविदास के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। विभिन्न स्थानों पर लोगों ने कलश यात्रा पर पुष्पवर्षा की और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। क्षेत्रीय विधायक अमरेश कुमार रावत ने कहा कि संत रविदास जी ने अपने जीवन और विचारों से समाज को समानता, प्रेम, भाईचारे और मानवता का संदेश दिया। उनके विचार आज भी सामाजिक एकता और समरसता के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि संतों की शिक्षाओं को आत्मसात कर समाज में आपसी सद्भाव को और मजबूत किया जा सकता है। यात्रा में भाजपा मंडल अध्यक्ष निगोहां ललित कुमार सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष दीपू बाजपेई,मोहनलालगंज पूर्व मंडल अध्यक्ष सुधांशु सिंह, जिला प्रतिनिधि दिनेश शर्मा, पूर्व जिला प्रतिनिधि दिनेश कुशवाहा, किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष अभय सिंह शक्ति केंद्र संयोजक प्रभाकर सिंह, मंडल उपाध्यक्ष चंदन सिंह, सज्जन सिंह, मंडल मंत्री राम सनेही, संदीप सिंह, संतोष बाजपेयी, बलराम अवस्थी, रामजी, शक्ति केंद्र संयोजक राजेंद्र मौर्य, उत्कर्ष शर्मा, विकास साहू और अरुण वर्मा समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। यात्रा में श्रद्धालु सिर पर कलश धारण कर अनुशासित ढंग से शामिल हुए। स्वयंसेवकों ने मार्ग में व्यवस्था संभालने में सक्रिय भूमिका निभाई। यात्रा के समापन पर सामूहिक आरती और प्रसाद वितरण हुआ। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और सामाजिक भाईचारे की कामना की। आयोजन ने संत रविदास के समानता और समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया।
