रेड ब्रिगेड की टीम ने सिखाए विपरीत परिस्थितियों में बचाव के व्यावहारिक गुर, बढ़ाया आत्मविश्वास…..
मोहनलालगंज, लखनऊ। जननायक सुजीत पाण्डेय मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से संचालित कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम में बुधवार को बालिकाओं एवं महिलाओं के लिए विशेष आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य युवतियों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें विपरीत परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा के लिए मानसिक एवं शारीरिक रूप से सक्षम बनाना रहा।कार्यक्रम में रेड ब्रिगेड की प्रशिक्षित टीम ने प्रतिभागी बालिकाओं एवं महिलाओं को आत्मरक्षा के विभिन्न महत्वपूर्ण गुर सिखाए। प्रशिक्षकों ने संभावित खतरे को समय रहते पहचानने, संकट की स्थिति में घबराने के बजाय सूझबूझ से काम लेने तथा आवश्यकता पड़ने पर स्वयं का बचाव करने की विभिन्न व्यावहारिक तकनीकों का अभ्यास कराया।प्रशिक्षण के दौरान बालिकाओं को बताया गया कि आत्मरक्षा का मतलब केवल शारीरिक रूप से हमलावर का मुकाबला करना नहीं है, बल्कि सजगता, आत्मविश्वास, सही निर्णय लेने की क्षमता और खतरे के समय तत्काल प्रतिक्रिया भी आत्मरक्षा का अहम हिस्सा है। प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को विभिन्न परिस्थितियों का उदाहरण देकर बताया कि किसी अनजान व्यक्ति से खतरा महसूस होने, रास्ते में परेशानी आने या आपात स्थिति उत्पन्न होने पर किस तरह सावधानी बरती जा सकती है।प्रशिक्षण में बालिकाओं और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और प्रशिक्षकों द्वारा बताई गई तकनीकों का स्वयं अभ्यास भी किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों में आत्मविश्वास और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
कौशल के साथ आत्मविश्वास भी जरूरी : डॉ. अजय पाण्डेय……
इस अवसर पर ट्रस्ट के प्रबंधक डॉ. अजय पाण्डेय ‘सत्यम’ ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा केवल परिवार और समाज की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि उन्हें स्वयं भी इतना सक्षम और आत्मविश्वासी बनाया जाना आवश्यक है कि वे किसी भी विपरीत परिस्थिति में अपना बचाव कर सकें। उन्होंने कहा कि कौशल विकास के साथ आत्मरक्षा का प्रशिक्षण बालिकाओं को आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का उद्देश्य युवतियों एवं महिलाओं को शिक्षा, कौशल और आत्मविश्वास के माध्यम से आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है। आत्मरक्षा प्रशिक्षण इसी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे बालिकाओं में न केवल अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि उनमें आत्मविश्वास भी मजबूत होगा।रेड ब्रिगेड की टीम ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में सबसे पहली जरूरत सजग रहने की है। यदि व्यक्ति संभावित खतरे को पहले ही पहचान ले तो कई बार बड़ी घटना को टाला जा सकता है। प्रशिक्षकों ने बालिकाओं को मानसिक रूप से मजबूत रहने, आसपास के माहौल पर नजर रखने और संकट के समय तत्काल सही निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण बालिकाओं को यह भरोसा देता है कि जरूरत पड़ने पर वे स्वयं अपनी सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठा सकती हैं।कार्यक्रम में समाजसेवी अवधेश कुमार, रवि तिवारी, शिवम साहू सहित ट्रस्ट के सहयोगी, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागी बालिकाओं एवं महिलाओं ने आत्मरक्षा प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का हौसला मिलता है। प्रतिभागियों ने भविष्य में भी नियमित रूप से ऐसे प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई।
