वादा खिलाफी से भड़के किसानों का अनोखा विरोध, पांच किसानों ने मुंडन कर किया पिंडदान; 13वें दिन तेरहवीं और बुद्धि-शुद्धि हवन का ऐलान…….
मोहनलालगंज, लखनऊ। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले कुबहरा सामुदायिक मिलन केंद्र पर चल रहा किसानों का धरना शुक्रवार को 18वें दिन बेहद उग्र हो गया। तीन दिन से लगातार वादा खिलाफी से नाराज किसानों ने लोक निर्माण विभाग वन विभाग और तहसील प्रशासन को मृतप्राय बताते हुए प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली और तीनों विभागों का सरेआम अंतिम संस्कार कर दिया। किसानों के इस अनोखे विरोध प्रदर्शन को देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।किसानों का आरोप है कि पी डब्लू डी विभाग के अधिकारियों ने समस्या के समाधान के लिए धरना स्थल पर पहुंचने का आश्वासन दिया था। गुरुवार को भी अधिकारियों के दोपहर 12 बजे तक धरना स्थल पर पहुंचने की बात कही गई थी, लेकिन अधिकारी नहीं पहुंचे। लगातार तीसरे दिन आश्वासन पूरा न होने से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने विभागों के खिलाफ प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर विरोध जताया।धरने में बैठे पांच किसानों ने कराया मुंडन, किया पिंडदान…….प्रदर्शन को महाभारत के प्रसंग से जोड़ते हुए पांच किसानों—हरिपाल सिंह, रामकुमार, बाबादीन, घूरूलाल और मनोज कुमार—ने अपना मुंडन कराया। इसके बाद किसानों ने विभागों का पिंडदान कर दाभ गाड़कर जलांजलि दी।अंतिम संस्कार के दौरान किसानों ने मिट्टी, गिट्टी, मौरंग और ईंट के टुकड़ों के साथ गोबर को थाल में सजाकर प्रतीकात्मक भोग लगाया। बेहया के फूल चढ़ाए गए। इसके साथ ही शराब की धार चढ़ाकर और रेंडी के पत्तों की गिलौरी रखकर विभागों के प्रति अपना आक्रोश जताया गया। धरना स्थल पर मंच से विभागों की कथित निष्क्रियता के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।पी डब्लू डी विभाग को दुर्योधन, वन विभाग को भीष्म और राजस्व विभाग को बताया द्रोणाचार्य किसानों ने अपने प्रदर्शन में महाभारत के पात्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह श्रीकृष्ण के सहयोग से पांडवों ने अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी, उसी तरह किसान भी अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। किसानों ने पी डब्लू डी विभाग को दुर्योधन, वन विभाग को भीष्म पितामह और राजस्व विभाग को द्रोणाचार्य की संज्ञा देते हुए कहा कि इन विभागों की कथित उदासीनता के खिलाफ उनका आंदोलन अब निर्णायक दौर में पहुंच चुका है।किसानों ने साफ किया कि महज आश्वासन से अब आंदोलन समाप्त नहीं होगा। जब तक उनकी समस्याओं का ठोस समाधान नहीं होता, धरना जारी रहेगा और आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा।तेरहवें दिन करेंगे तेरहवीं, होगा बुद्धि-शुद्धि हवन……किसानों ने ऐलान किया कि प्रतीकात्मक रूप से मृत घोषित किए गए विभागों की 13वें दिन तेरहवीं की जाएगी। इसके साथ ही बुद्धि-शुद्धि हवन कर अधिकारियों की बुद्धि शुद्ध होने और किसानों की समस्याओं का समाधान होने की प्रार्थना की जाएगी।धरना स्थल पर संगठन के प्रदेश महासचिव दिनेश यादव, मंडल उपाध्यक्ष राजेंद्र यादव, मंडल महामंत्री हरिपाल सिंह, जिला अध्यक्ष प्रमोद कुमार, ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश कुमार, जिला कोषाध्यक्ष राम प्रसाद फौजी समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
