निगोहां। दखिना गांव के किसान शिव प्रकाश उर्फ कबीर हत्याकांड में पुलिस ने छठवें आरोपी दिलीप रावत को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले मुख्य आरोपी प्रॉपर्टी डीलर सुजीत श्रीवास्तव समेत पांच आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।
बता दे कि किसान कबीर 15 नवंबर से लापता थे। उनके दोस्त सुरेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान 16 नवंबर को कबीर का मोबाइल उन्नाव के बीघापुर थाना क्षेत्र के पाटन गांव में संदिग्ध नंबरों के साथ लोकेट हुआ। इसके बाद बीघापुर पुलिस ने एक अधजले शव की बरामदगी की सूचना दी, जिसकी पहचान फोटो के माध्यम से कबीर के रूप में हुई। देवी खेड़ा पुलिया के पास से पकड़ा गया, हत्या की पुष्टि के बाद पुलिस ने टीम गठित कर जांच तेज की, 8 दिसंबर को पुलिस ने मुख्य आरोपी सुजीत श्रीवास्तव, पिंटू रावत, विनोद, लालू उर्फ नीरज कश्यप और राजू उर्फ राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया था। इन सभी को घटना में इस्तेमाल की गई दो स्विफ्ट डिजायर कारों के साथ जेल भेजा गया।
निगोहां एसओ अनुज कुमार तिवारी ने बताया कि शुक्रवार को नगराम थाना क्षेत्र के ब्राह्मण टोला निवासी दिलीप रावत को देवी खेड़ा पुलिया के पास से पकड़ा गया।
किसान को धोखे से बुलाया था
पूछताछ में दिलीप रावत ने स्वीकार किया कि 15 नवंबर की शाम उसने ही कबीर को लालपुर टावर के पास धोखे से बुलाया था। वहां पहले से मौजूद सुजीत और उसके साथियों ने दो कारों में कबीर को जबरन बैठा लिया। आरोपी उन्हें सुदौली मोड़ से लालगंज-डलमऊ ले गए, जहां कार के अंदर ही उनके हाथ-पैर पकड़कर गला दबाकर हत्या कर दी गई। आरोपियों ने शव को उन्नाव के बीघापुर में हाइवे किनारे एक सुनसान खाई में फेंककर पेट्रोल डालकर जला दिया था।
डेढ़ लाख में तय हुआ था सौदा, मिले मात्र 20 हजार
पूछताछ में दिलीप ने खुलासा किया कि सुजीत ने हत्या के लिए उसे डेढ़ लाख रुपए देने का वादा किया था, यह कहते हुए कि मृतक के परिवार में कोई पैरवी करने वाला नहीं है। लेकिन वारदात के बाद दिलीप को केवल 20 हजार रुपये ही दिए गए। पुलिस ने आरोपी को जेल भेजते हुए आगे की कार्रवाई तेज कर दी है।
