लखनऊ। निगोहां गाँव में चल रही श्रीमद भागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक आचार्य दुर्गेश अवस्थी ने प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कथा के दौरान उन्होंने भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों का भी विस्तार से वर्णन किया और विशेष रूप से भगवान के बावन अवतार तथा दानवीर राजा बली की कथा सुनाकर भक्तों को धर्म, भक्ति और त्याग का संदेश दिया।आचार्य दुर्गेश अवस्थी ने कहा कि सच्ची भक्ति में अपार शक्ति होती है। भक्त प्रह्लाद ने विपरीत परिस्थितियों में भी भगवान का नाम नहीं छोड़ा, जिसके कारण अंततः भगवान ने अपने भक्त की रक्षा की। उन्होंने बताया कि भगवान सदैव अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और अधर्म का अंत निश्चित है।
कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे नजर आए और पूरा वातावरण भगवान के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर समाजसेवी जितेंद्र त्रिवेदी ने आचार्य दुर्गेश अवस्थी को अंगवस्त्र भेंट कर उनका सम्मान किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे श्रद्धा व भक्ति भाव के साथ कथा का रसपान किया। कथा स्थल पर भक्ति संगीत और भगवान के नाम के कीर्तन से वातावरण भक्तिमय बना रहा। आयोजकों ने बताया कि श्रीमद भागवत कथा का आयोजन आगे भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
