मोहनलालगंज । संवाददाता
मोहनलालगंज के भसंडा गांव की एक बेबस विधवा मां अपने 20 वर्षीय इकलौते बेटे की तलाश में पिछले नौ महीने से थानों और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही है। बेटे का कोई सुराग न मिलने से आहत मां ने उसे मजदूरी के बहाने महाराष्ट्र ले जाने वाले युवक और उसके ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि पुलिस के ढुलमुल रवैये के कारण आरोपी खुलेआम गांव में घूम रहा है, लेकिन उस पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है।
मजदूरी के बहाने मुंबई ले गया था ग्रामीण
भसंडा गांव निवासी पीड़िता निर्मला देवी ने बताया कि उनका 20 वर्षीय बेटा सौरभ बीते नौ माह पहले गांव के ही खरेहना निवासी अंकित के साथ मजदूरी करने के लिए मुंबई गया था। कुछ समय तक तो सौरभ से बातचीत हुई, लेकिन उसके बाद अचानक उसका मोबाइल बंद आने लगा। परेशान मां ने जब आरोपी अंकित के नंबर पर संपर्क किया, तो उसने फोन उठाकर सीधे शब्दों में कह दिया कि सौरभ कहीं भाग गया है।
जानकारी देने के बदले मांगी जा रही रंगदारी, ऑडियो सुरक्षित
पीड़ित मां का आरोप है कि जब उन्होंने बेटे को खोजने के लिए अंकित पर दबाव बनाया, तो उसकी नीयत बदल गई। अंकित और उसके ठेकेदार ने सौरभ की जानकारी देने और उसे खोजने के बदले पहले 500 रुपये और फिर 5 हजार रुपये की मांग की। उन्होंने साफ कहा कि जब तक पैसे नहीं भेजे जाएंगे, तब तक बेटे के बारे में कुछ नहीं बताया जाएगा। पीड़िता का दावा है कि इस पूरी बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित है।
’चाहे जितना पैसा खर्च कर लो, अब बेटा नहीं मिलेगा’
रोती-बिलखती निर्मला देवी ने बताया कि आरोपी के हौसले इतने बुलंद हैं कि उसके परिजन अब उन्हें सीधे तौर पर धमकी दे रहे हैं। आरोपियों के परिजनों का कहना है कि “तुम चाहे जितना पैसा और जोर लगा लो, अब तुम्हारा बेटा तुम्हें वापस नहीं मिलेगा।” इस बयान के बाद से अनहोनी की आशंका के चलते पीड़ित परिवार गहरे सदमे और दहशत में है।
थानों से लेकर ‘मुख्यमंत्री पोर्टल’ तक लगाई गुहार, नतीजा सिफर
न्याय के लिए दर-दर भटक रही विधवा मां ने बताया कि उन्होंने बेटे की बरामदगी के लिए संपूर्ण समाधान दिवस मुख्यमंत्री संदर्भ पोर्टल आईजीआरएस स्थानीय मोहनलालगंज थाना हर जगह लिखित शिकायत दर्ज कराई है। इसके बावजूद नौ महीने बीत जाने के बाद भी नतीजा सिफर रहा। वर्तमान में मुख्य आरोपी अंकित मुंबई से लौटकर वापस अपने गांव में रह रहा है, लेकिन पुलिस उससे कड़ाई से पूछताछ करने से कतरा रही है।
लापता बेटे के मामले में पुलिस का कहना
इस पूरे मामले पर स्थानीय पुलिस का कहना है कि सौरभ जिस जगह पर मुंबई में मजदूरी करता था, वहां के कारखाना मालिक द्वारा स्थानीय थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। संबंधित राज्यों की पुलिस और एजेंसियों के माध्यम से युवक की तलाश की जा रही है।वही इस मामले लाचार मां निर्मला देवी, कहती है मेरा बेटा सीधा-साधा था, उसे बहला-फुसलाकर ले जाया गया है। पुलिस आरोपियों को बचाने में जुटी है। अगर मेरे बेटे को कुछ हुआ, तो इसकी जिम्मेदार पुलिस और वह ठेकेदार होंगे।
