बंदरों का आतंक: मोहल्ले में दहशत, 100 से ज़्यादा लोगों को बनाया शिकार मोहन लाल गंज के भदेसुआ गाँव में बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो में ग्रामीण अपना दर्द और गुस्सा बयां कर रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि अकेले इसी मोहल्ले में बंदरों ने अब तक 100 से अधिक लोगों को काटकर घायल कर दिया है।स्थानीय महिलाओं ने बताया कि बंदर न केवल घरों में घुसकर खाने-पीने का सामान और आटा छीन ले जाते हैं, बल्कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर भी हमला कर रहे हैं। एक महिला ने रोते हुए बताया, “हमारी पोती को काट खाया है, हम बहुत डरे हुए हैं।” वहीं एक अन्य निवासी ने कहा कि बंदरों ने उनकी बहू को बुरी तरह घायल कर दिया है, जिसके गहरे निशान शरीर पर मौजूद हैं।बंदरों के इस हिंसक व्यवहार से परेशान लोग अब प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। निवासियों का कहना है कि वे अपने ही घरों की छतों और गलियों में निकलने से डरने लगे हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि लोग अब आत्मरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की बात कर रहे हैं।स्थानीय लोगों ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया जाए ताकि किसी बड़ी अनहोनी को रोका जा सके।बंदरों का आतंक: मोहल्ले में दहशत, 100 से ज़्यादा लोगों को बनाया शिकार मोहन लाल गंज के भदेसुआ गाँव में बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो में ग्रामीण अपना दर्द और गुस्सा बयां कर रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि अकेले इसी मोहल्ले में बंदरों ने अब तक 100 से अधिक लोगों को काटकर घायल कर दिया है।स्थानीय महिलाओं ने बताया कि बंदर न केवल घरों में घुसकर खाने-पीने का सामान और आटा छीन ले जाते हैं, बल्कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर भी हमला कर रहे हैं। एक महिला ने रोते हुए बताया, “हमारी पोती को काट खाया है, हम बहुत डरे हुए हैं।” वहीं एक अन्य निवासी ने कहा कि बंदरों ने उनकी बहू को बुरी तरह घायल कर दिया है, जिसके गहरे निशान शरीर पर मौजूद हैं।बंदरों के इस हिंसक व्यवहार से परेशान लोग अब प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। निवासियों का कहना है कि वे अपने ही घरों की छतों और गलियों में निकलने से डरने लगे हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि लोग अब आत्मरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की बात कर रहे हैं।स्थानीय लोगों ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया जाए ताकि किसी बड़ी अनहोनी को रोका जा सके।
