मोहनलालगंज, लखनऊ, मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र के अतरौली व हुलास खेड़ा गांव में सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण और सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध किए जाने का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में शिकायतकर्ता हंसराज रावत, जो भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं मोहनलालगंज विधानसभा संयोजक हैं, उन्होंने शासन के उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच व सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत कर्ता के अनुसार गाटा संख्या 1135 अतरौली व गाटा संख्या 514 हुलास खेड़ा की करीब बीस बीघा जमीन, जो राजस्व अभिलेखों में वन विभाग व सरकारी संपत्ति के रूप में दर्ज है, पर कथित रूप से मेसर्स अवध फार्म द्वारा कब्जा किया जा रहा है। आरोप है कि गौरा कालोनी से हुलास खेड़ा को जोड़ने वाला सार्वजनिक मार्ग, जिसे लोक निर्माण विभाग द्वारा बनवाया गया था, उसे भी अवरुद्ध कर दिया गया है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों का आरोप है कि रास्ते से गुजरने पर उन्हें रोका जाता है और विरोध करने पर उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज करा दिए जाते हैं। बीते 9 अप्रैल को मोहनलालगंज थाने में दो नामजद व 28 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज होने से गांव में भय का माहौल है।
भाजपा नेता हंसराज रावत ने आरोप लगाया कि संबंधित पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बिना भौतिक निरीक्षण किए एकतरफा कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पूर्व में कई बार शिकायतें की गईं, यहां तक कि आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से भी मामला उठाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है और मामले में प्रभावशाली लोगों का पक्ष लिया जा रहा है।भाजपा नेता ने शासन से मांग की है कि दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष जांच कर निर्दोष लोगों को राहत दी जाए तथा सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराकर गौरा कालोनी से हुलास खेड़ा मार्ग को आमजन के लिए सुचारु रूप से चालू कराया जाए।
