मोहनलालगंज, लखनऊ।मोहनलालगंज कोतवाली क्षेत्र के सिसेंडी गांव में रविवार सुबह जमीन और निर्माण कार्य को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। ग्राम सभा की भूमि और रामलीला मैदान पर कथित कब्जे के आरोपों के बीच दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और लाठी-डंडे चलने से कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर छह लोगों को हिरासत में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार, सिसेंडी बाजार स्थित रामलीला मैदान के पास दुकान निर्माण के लिए जेसीबी से नींव की खुदाई कराई जा रही थी। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सभा की आबादी भूमि और रामलीला मैदान पर कब्जे का प्रयास किया जा रहा था। विरोध करने पर पूर्व प्रधान राजेश कुमार जायसवाल, उनके पुत्र अमन जायसवाल, शोभित जायसवाल, ग्राम प्रधान के पति राकेश जायसवाल, विपिन जायसवाल समेत अन्य लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे सुमित गुप्ता, हर्षित गुप्ता, पवन गुप्ता और छोटू गुप्ता घायल हो गए।वहीं पूर्व प्रधान राजेश कुमार जायसवाल ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि निर्माण कार्य उनकी निजी भूमि पर कराया जा रहा था। उनके अनुसार, सुमित, हर्षित, पवन और छोटू समेत कई लोग मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवाने लगे और विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पुत्र अमन जायसवाल के साथ भी मारपीट की गई तथा एक व्यक्ति ने चाकू से हमला करने का प्रयास किया।घटना में घायल लोगों को पुलिस ने मोहनलालगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हर्षित और सुमित को सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया। निर्माण कार्य में लगे मिस्त्री रामनरायन गौतम और अन्य श्रमिकों ने भी पुलिस को तहरीर देकर मारपीट, अभद्रता और जातिसूचक टिप्पणी किए जाने का आरोप लगाया है।घटना के दौरान पास की दुकान के संचालक वीरेंद्र कुमार शुक्ला ने भी पुलिस को शिकायत दी है। उनका आरोप है कि वह मारपीट की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उन्हें रोकते हुए गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने का दावा किया है।सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर दोनों पक्षों के लोगों को हिरासत में लिया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मेडिकल रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच की जा रही है। फिलहाल हर्षित, सुमित, पवन, अमन जायसवाल और शोभित जायसवाल समेत कुल छह लोगों को हिरासत में लेकर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
कब्जे या निजी जमीन का निर्माण, यही बना विवाद की जड़.…….
सिसेंडी गांव में हुए विवाद की जड़ निर्माणाधीन भूमि का स्वामित्व है। एक पक्ष इसे ग्राम सभा की आबादी भूमि और रामलीला मैदान का हिस्सा बताकर कब्जे का आरोप लगा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे अपनी निजी जमीन बताते हुए वैध निर्माण कार्य होने का दावा कर रहा है। अब पुलिस जांच और राजस्व अभिलेखों की पड़ताल के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
