निगोहां, लखनऊ।गेहूं कटाई के मौसम में खेतों में आग लगने की बढ़ती घटनाओं ने किसानों की चिंता को गहरा कर दिया है। आए दिन हो रही इन घटनाओं से न केवल किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है, बल्कि उन्हें भारी आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। इसी गंभीर समस्या को लेकर भारतीय किसान क्रांति यूनियन ने अग्निशमन विभाग के महानिदेशक को पत्र भेजकर तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है। भारतीय किसान क्रांति यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट ऋषि मिश्रा द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि इस समय विद्युत लाइनों से निकलने वाली चिंगारी, शॉर्ट सर्किट और कई बार मानवीय लापरवाही के कारण खेतों में खड़ी पकी गेहूं की फसल में तेजी से आग लग रही है। इन घटनाओं में किसानों की सालभर की मेहनत कुछ ही पलों में राख हो जा रही है।
पत्र में निगोहां थाना क्षेत्र की हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा गया कि खेत में आग लगने के बाद भी दमकल की गाड़ियां समय पर मौके पर नहीं पहुंच सकीं। हालात इतने गंभीर हो गए कि किसानों को खुद ही लाठी-डंडों और मिट्टी के सहारे आग बुझाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। यूनियन ने इसे बेहद चिंताजनक और प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण बताया है।भारतीय किसान क्रांति यूनियन ने मांग उठाई है कि लखनऊ के निगोहां, मोहनलालगंज, नगराम, पीजीआई, बिजनौर, सरोजनी नगर और बंथरा थाना क्षेत्रों में स्थायी रूप से फायर स्टेशन और दमकल गाड़ियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। यूनियन का कहना है कि यदि इन क्षेत्रों में समय पर फायर ब्रिगेड उपलब्ध हो, तो हर साल सैकड़ों एकड़ फसल को जलने से बचाया जा सकता है।
यूनियन ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि गेहूं कटाई का समय किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है, लेकिन एक छोटी सी चिंगारी उनकी पूरी फसल को नष्ट कर देती है। ऐसे में समय पर राहत न मिलना किसानों के लिए दोहरी मार साबित हो रहा है।राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि मिश्रा ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि फसल बीमा योजनाओं के साथ-साथ आग से बचाव के लिए जमीनी स्तर पर पुख्ता इंतजाम किए जाएं। साथ ही ग्रामीण इलाकों में फायर स्टेशन स्थापित कर आपात स्थिति में त्वरित राहत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सके।
