मोहनलालगंज, लखनऊ।विकास खंड मोहनलालगंज में मिनी आंगनवाड़ी केंद्र पर सहायिका भर्ती को लेकर विवाद सामने आया है। ग्राम मस्तीपुर निवासी एक महिला ने भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता और पक्षपात का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी समेत कई अधिकारियों व जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।ग्राम मस्तीपुर, ब्लॉक मोहनलालगंज निवासी राधा देवी पत्नी भूपेंद्र कुमार ने शनिवार को जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी खंड विकास अधिकारी सहित उत्तर प्रदेश जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।पीड़िता का आरोप है कि उन्होंने मिनी आंगनवाड़ी केंद्र में सहायिका पद के लिए आवेदन किया था, लेकिन भर्ती प्रक्रिया के दौरान उनका नाम मिनी आंगनवाड़ी केंद्र के बजाय आंगनवाड़ी-1 में दर्शा दिया गया। उनका कहना है कि यह उनके मूल आवेदन के विपरीत था।राधा देवी के अनुसार दस्तावेज सत्यापन के समय अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि उनकी भर्ती लगभग तय है और जल्द ही जॉइनिंग के लिए सूचना दी जाएगी। उन्होंने बताया कि संबंधित सुपरवाइजर ने फोन पर अप्रैल माह में जॉइनिंग कराने की बात भी कही थी, लेकिन अब तक उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई।पीड़िता ने आरोप लगाया कि बाद में उन्हें पता चला कि उक्त पद पर किसी अन्य महिला को नियुक्त कर दिया गया है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता और संभावित धन लेन-देन की आशंका जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।यह मामला बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायत सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
वहीं, इस मामले में सीडीपीओ दिलीप सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट के आधार पर संपन्न कराई गई है। सीडीपीओ के अनुसार चयन प्रक्रिया में मेरिट सूची के आधार पर दो अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। नियम के तहत यदि प्रथम स्थान की अभ्यर्थी जॉइनिंग नहीं करती तो दूसरे स्थान वाले अभ्यर्थी को मौका दिया जाता है। उन्होंने बताया कि शिकायत करने वाली महिला मेरिट सूची में दूसरे स्थान पर थीं, जबकि प्रथम स्थान की अभ्यर्थी ने जॉइनिंग कर ली थी।अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या जांच और कार्रवाई करता है।
